Nitin Pradhan- उत्तराखंड के पंचायत चुनाव में इस बार चमोली जिले के बणद्वारा गांव से एक अनोखी कहानी सामने आई है। यहां प्रधान पद का फैसला वोटों से नहीं, बल्कि टॉस से हुआ और किस्मत ने मुस्कुराया 23 वर्षीय नितिन पर, जो अब मंडल घाटी के सबसे युवा ग्राम प्रधान बन गए हैं।
ग्राम बणद्वारा में प्रधान पद के लिए चार उम्मीदवार मैदान में थे। कुल 383 वोट डाले गए, जिनमें नितिन और उनके प्रतिद्वंदी रविन्द्र को समान 138-138 वोट मिले। सुबह 9 बजे जब यह टाई घोषित हुआ, तो चुनाव अधिकारियों ने तय प्रक्रिया के अनुसार टॉस करवाने का फैसला लिया। करीब साढ़े दस बजे हुए टॉस में नितिन विजयी रहे।
Nitin Pradhan- नितिन फिलहाल गोपेश्वर पीजी कॉलेज से एमए (अर्थशास्त्र) की पढ़ाई कर रहे हैं और एनएसयूआई से भी जुड़े हुए हैं। वह 2022-23 में कॉलेज छात्रसंघ के महासचिव भी रह चुके हैं। छात्र राजनीति से सीधा गांव की राजनीति में उतरकर नितिन ने नई मिसाल कायम की है।
प्रधान चुने जाने के बाद नितिन ने कहा, “मैं गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार को प्राथमिकता दूंगा। साथ ही पंचायत में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी काम करूंगा।”
Nitin Pradhan- उनकी जीत के बाद गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है और बणद्वारा गांव का यह टॉस पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है, यह घटना बताती है कि लोकतंत्र में सिर्फ अनुभव ही नहीं, बल्कि जोश और नई सोच रखने वाले युवा भी आगे आ सकते हैं और कभी-कभी फैसला किस्मत भी कर देती है।
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