Viagra in Danger- देश ही नहीं दुनियाभर में वियाग्रा का अपना एक बड़ा मार्केट है। एक विशेष वर्ग के लिए ये भले ही पौरुष प्राप्ति के इस्तेमाल किया जाता हो लेकिन इसके कई अलग अलग फायदे और स्वास्थ्य में यूज़ किया जाता है। भारत में कैटरपिलर फंगस की खेती को परमिट, दिशानिर्देशों और नीतियों के जरिए रेगुलेट किया जाता है.
सिक्किम और उत्तराखंड में इसकी काफी खेती है. अलग-अलग राज्यों में फंगस के संरक्षण और अवैध व्यापार को रोकने के लिए अलग-अलग नीतियां है. फंगस की गैर-कानूनी खेती करना या बेचना एक दंडनीय अपराध है.
जलवायु परिवर्तन की वजह से यारसा गुम्बा फंगस की खेती पर बुरा असर हुआ है, कैटरपिलर फंगस ऊंची पहाड़ी पर उगने वाली प्रजाति है. इसे उगने के लिए ठंडे वातावरण की जरूरत होती है. लेकिन क्लाइमेट चेंज के कारण तापमान बढ़ रहा है,
Viagra in Danger- जिससे प्रजाति पर खतरा पैदा हुआ है. बीते कुछ सालों में औषधीय गुणों के लिए मशहूर इस जड़ी-बूटी की मांग काफी बढ़ी है. बढ़ती मांग और बढ़ती कीमतों की वजह से कैटरपिलर फंगस का दोहन भी ज्यादा हो रहा है. ऊपर से सड़क और कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से इसके हैबिटेट को नुकसान हो रहा है.

यारसा गुम्बा जड़ी-बूटी चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली दुनिया की सबसे महंगी नेचुरल दवाई मानी जाती है. यह एक तरह का फंगस (फफूंद) होता है, जो कैटरपिलर पर उगता है. ये इतना कीमती है कि स्थानीय लोग इसे हिमालयों का सोना भी कहते हैं. इसका इस्तेमाल खासतौर पर मर्दाना कमजोरी ठीक करने में भी होता है.
इसी वजह से यह ‘हिमालय की वियाग्रा’ नाम से मशहूर है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके एक किलोग्राम की कीमत 20 लाख रुपए तक है. ये इतना कीमती है कि स्थानीय लोग इसे हिमालयों का सोना भी कहते हैं. हालांकि, क्लाइमेट चेंज की मार से फंगस भी दूर नहीं रहा है. लाखों लोगों की आय पर भी खतरा मंडरा रहा है.
Viagra in Danger- किन बीमारियों में होता है इसका इस्तेमाल?

कैटरपिलर फंगस दवा का काम करता है. इसे चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाली दुनिया की सबसे महंगी नेचुरल दवाई माना जाता है. WWF और TRAFFIC की रिपोर्ट के मुताबिक, कैटरपिलर फंगस से अस्थमा, कैंसर और लीवर, किडनी और फेफड़े की बीमारियां ठीक की जा सकती है.
इसका इस्तेमाल खासतौर पर मर्दाना कमजोरी ठीक करने में भी होता है. इसी वजह से यह ‘हिमालय की वियाग्रा’ नाम से मशहूर है. चीन, अमरीका, ब्रिटेन, जापान, थाईलैंड और मलेशिया के बाजार में फंगस की काफी मांग है.
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