Maa Mahagauri Puja Vidhi
Maa Mahagauri Puja Vidhi- शारदीय नवरात्रि के आठवें दिन यानी महाष्टमी के पावन अवसर पर श्वेतवर्णी, कारुणिक और परम शांत स्वरूप माँ महागौरी की पूरी निष्ठा, श्रद्धा और विधि-विधान के साथ उपासना की जा रही है। माँ का यह दिव्य और अलौकिक रूप मनुष्य जीवन के समस्त पापों और संतापों को दूर कर भक्तों के मन और आत्मा को पूर्णतः पवित्र और निर्मल बना देता है। महाष्टमी का यह दिन सनातन संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दिन माँ महागौरी की आराधना के साथ-साथ कन्या पूजन और हवन का विशेष विधान है।
महाष्टमी के पावन पर्व पर आज देश भर के मंदिरों और घरों में विशेष हवन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दी गई आहुतियों से संपूर्ण वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। इसके साथ ही, साधना के इस महत्वपूर्ण चरण में नौ कुंवारी कन्याओं और बटुक भैरव (लंगूर) का विधि-विधान से पूजन किया गया। उन्हें आदरपूर्वक भोजन कराकर और उपहार भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्या पूजन के बिना नवरात्रि की साधना अधूरी मानी जाती है।
Maa Mahagauri Puja Vidhi- माँ महागौरी की पूजन विधि
Maa Mahagauri Puja Vidhi- माँ महागौरी की पूजा का विधान अत्यंत सरल और फलदायी है:

- शुभ रंग और वस्त्र: आज के दिन गुलाबी या सफेद रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि ये रंग शांति, प्रेम और पवित्रता के प्रतीक हैं।
- पूजन सामग्री: माता को सफेद पुष्प, रोली, अक्षत, और सुहाग की सामग्री अर्पित की जाती है।
- विशेष भोग: माँ महागौरी को नारियल, पूरी, सूजी का हलवा और काले चने का भोग अत्यंत प्रिय है। भक्तगण विधि-विधान से माता को भोग लगाकर प्रसाद वितरित करते हैं।
Maa Mahagauri Puja Vidhi- मोक्ष प्राप्ति के लिए विशेष मंत्र
Maa Mahagauri Puja Vidhi- पूजन अनुष्ठान के दौरान माता के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाकर उनके इस पावन और सिद्ध मंत्र का पूरी श्रद्धा के साथ जाप किया जाता है:
श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा सुचः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
यह भी पढ़ें…
