Uttarakhand Road Safety Rules
Uttarakhand Road Safety Rules- राज्य में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए शासन और परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति की सिफारिशों और गाइडलाइंस का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य तकनीकी सुधार, सख्त प्रवर्तन और व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को न्यूनतम स्तर पर लाना है। सुप्रीम कोर्ट समिति के निर्देशों के तहत ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। निम्नलिखित गंभीर यातायात उल्लंघनों पर चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को एक निश्चित अवधि के लिए निलंबित किया जाएगा:
- ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार)
- ड्रंक ड्राइविंग (शराब पीकर वाहन चलाना)
- रेड लाइट जंपिंग (सिग्नल तोड़ना)
- हेलमेट व सीटबेल्ट न पहनना
- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग
इसके अलावा, बार-बार नियम तोड़ने वाले आदतन अपराधियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाने और भारी जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। 
Uttarakhand Road Safety Rules- ब्लैक स्पॉट्स का सुधारीकरण
समिति ने राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों (NH), राज्य मार्गों (SH) और संवेदनशील पर्वतीय मार्गों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट्स (Black Spots) की पहचान कर उनका त्वरित सुधारीकरण करने पर विशेष जोर दिया है। सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदम:
- पर्वतीय और खतरनाक मोड़ों पर मजबूत क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पष्ट संकेत बोर्ड (Signboards) स्थापित किए जाएंगे।
- राजमार्गों पर प्रभावी पुलिस और परिवहन गश्त (Patrolling) बढ़ाई जाएगी।
- आपातकालीन स्थिति में त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए संवेदनशील स्थानों पर एम्बुलेंस की चौबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

Uttarakhand Road Safety Rules- संयुक्त चेकिंग अभियान
Uttarakhand Road Safety Rules- सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत शहर के मुख्य चौराहों, हाईवे एंट्री पॉइंट्स और हाईवे टोल प्लाजा पर सघन जांच की जाएगी। तकनीकी सुधारों और सख्त प्रवर्तन के साथ-साथ जन-जागरूकता को भी इस अभियान का मुख्य स्तंभ बनाया गया है। आम नागरिकों और युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाने के लिए स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह भी पढ़ें…
