Anti Drug Campaign- जनपद में नशे के अवैध कारोबार और नशीली दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है, सोमवार को जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (एनकॉर्ड) समिति की बैठक में जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ चेकिंग अभियान तेज करने के कड़े निर्देश दिए।
Anti Drug Campaign- नशा मुक्ति केंद्रों पर पैनी नजर
Anti Drug Campaign- बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नशे की रोकथाम के लिए बहुआयामी रणनीति पर काम करने के स्पष्ट आदेश दिए: 
- कांडा और कपकोट में नियमित चेकिंग: औषधि निरीक्षक पूजा रानी द्वारा सीएचसी कपकोट सहित 7 क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण की समीक्षा के बाद डीएम ने कांडा क्षेत्र में भी मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच के निर्देश दिए, ताकि प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री रोकी जा सके।
- नाबालिगों को शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध: आबकारी विभाग और पुलिस को सख्त हिदायत दी गई कि शराब की दुकानों से नाबालिगों को शराब की बिक्री हर हाल में रुके। सभी दुकानों के सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
- नशा मुक्ति केंद्रों की समीक्षा: समाज कल्याण विभाग को जनपद में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं और वहां मिलने वाली सुविधाओं की निरंतर निगरानी करने के आदेश दिए गए।
- शून्य ढिलाई नीति: डीएम ने चेतावनी दी कि नशे के खिलाफ जारी इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
Anti Drug Campaign- एनकॉर्ड समिति की इस समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, पुलिस उपाधीक्षक अजय शाह, उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, जिला युवा कल्याण अधिकारी पी.सी. जोशी समेत आबकारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें…