Uttarakhand Labour Laws- उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश के लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 (Uttarakhand Code on Wages Rules, 2026) के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई।
इस नए श्रम कानून का मुख्य उद्देश्य संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों का आर्थिक शोषण रोकना, कार्यस्थल पर पारदर्शिता लाना और लैंगिक समानता सुनिश्चित करना है।
Uttarakhand Labour Laws- नए श्रम कानून के बड़े बदलाव

Uttarakhand Labour Laws- श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और वेतन में पारदर्शिता लाने के लिए यह नियमावली मील का पत्थर साबित होगी
- ओवरटाइम करने पर मिलेगी दोगुनी मजदूरी: यदि कोई कंपनी या प्रतिष्ठान किसी कर्मचारी से निर्धारित कार्य घंटों से अधिक काम कराती है, तो उसे कर्मचारियों को सामान्य मजदूरी दर से दोगुना (2x) भुगतान करना अनिवार्य होगा।
- समान काम, समान दाम (लैंगिक समानता): कार्यस्थल पर महिला और पुरुष कर्मचारियों के बीच वेतन भेदभाव को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब एक ही पद और एक समान कार्य के लिए महिला व पुरुष दोनों को बराबर वेतन मिलेगा।
- हर महीने की 7 तारीख तक सैलरी अनिवार्य: निजी और असंगठित क्षेत्रों में सैलरी में होने वाली देरी को रोकने के लिए सरकार ने अंतिम तिथि तय कर दी है। अब सभी प्रतिष्ठानों को प्रत्येक माह की 7 तारीख तक कर्मचारियों का वेतन देना ही होगा।
- 100% डिजिटल माध्यम से वेतन भुगतान: वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या बही-खातों में हेरफेर रोकने के लिए डिजिटल पेमेंट (बैंक ट्रांसफर/ऑनलाइन) को अनिवार्य कर दिया गया है।
- पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र: वेतन संबंधी विवादों और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक पारदर्शी और सुलभ व्यवस्था लागू की गई है।
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