Haridwar Kanwar Yatra- मन्नत पूरी होने पर शिवभक्त ले जा रहे 101 लीटर गंगाजल

Haridwar Kanwar Yatra- सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह से शिवमय हो चुकी है। सड़कों से लेकर गंगा घाटों तक, हर तरफ भगवा रंग में रंगे शिवभक्त नजर आ रहे हैं और ‘हर-हर महादेव’ व ‘जय भोलेनाथ’ के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

30 जुलाई से शुरू हुई इस वार्षिक कांवड़ यात्रा में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुँच रहे हैं लेकिन इस बार की कांवड़ यात्रा में एक अनूठा और खास बदलाव देखने को मिल रहा है—’कलश कांवड़’ का बढ़ता क्रेज।

Haridwar Kanwar Yatra- मन्नतें हुईं पूरी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरिद्वार के पवित्र ‘हर की पौड़ी’ से गंगाजल भरकर भगवान शिव को अर्पित करने का विशेष महत्व है। इस बार सामान्य कांवड़ के साथ-साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु विशाल और भारी कलशों में गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं।

Haridwar Kanwar Yatra- भगवान शिव से मांगी गई मन्नतें पूरी होने पर कांवड़िए अपनी श्रद्धा के अनुसार:

21 लीटर, 31 लीटर, 41 लीटर, 51 लीटर, 81 लीटर और यहाँ तक कि 101 लीटर तक गंगाजल बड़े-बड़े कलशों में भरकर पैदल यात्रा कर रहे हैं।

कई कांवड़िए अपने कंधों पर एक विशाल कलश उठाए दिख रहे हैं, तो कुछ श्रद्धालुओं ने कई छोटे-छोटे कलशों को मिलाकर विशेष कांवड़ तैयार की है। हरिद्वार की सड़कों पर ये कलश कांवड़ यात्रियों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

Haridwar Kanwar Yatra

Haridwar Kanwar Yatra- श्रद्धालुओं के अनुभव

प्रिंस कुमार झा (दिल्ली): दिल्ली से आए प्रिंस ने बताया कि उन्होंने भोलेनाथ से एक विशेष मन्नत मांगी थी। मनोकामना पूरी होने के बाद वह कलश में गंगाजल लेकर यात्रा कर रहे हैं। उनके अनुसार, “समय के साथ कांवड़ यात्रा का स्वरूप भी बदला है। अब भक्त पारंपरिक कांवड़ के साथ-साथ कलश कांवड़ को काफी प्राथमिकता दे रहे हैं।”

रिया (गाजियाबाद): गाजियाबाद की रहने वाली रिया ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता की उत्तम सेहत और सलामती के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की थी। मन्नत पूरी होने पर वह हर की पौड़ी से 10 लीटर गंगाजल कलश में भरकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं।

Haridwar Kanwar Yatra- गंतव्य पर होगा जलाभिषेक

हरिद्वार से गंगाजल भरकर निकल रहे ये शिवभक्त अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में पहुँचकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेंगे। आस्था, विश्वास और कठिन साधना का यह संगम इस बार हरिद्वार की कांवड़ यात्रा को बेहद खास और भव्य बना रहा है।

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