Bomb Threat Email- उत्तराखंड के कई महत्वपूर्ण संस्थानों और विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया है। बीते दिन आए इन धमकी भरे ईमेलों पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है, मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि देवभूमि की शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
यद्यपि जांच के बाद ऐसा कोई संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
Bomb Threat Email- पंजाबी भाषा में आए ईमेल
सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की शुरुआती जांच में इस पूरे मामले को लेकर कुछ बेहद गंभीर इनपुट्स मिले हैं:
लक्षित संस्थान और स्थल: धमकी भरे ये ईमेल मसूरी नगर पालिका, हरिद्वार नगर निगम सहित कई सरकारी संस्थानों को भेजे गए थे। इनमें हरिद्वार, ऋषिकेश, केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे सर्वोच्च धार्मिक स्थलों का भी जिक्र किया गया था।
खालिस्तानी संदर्भ: जानकारी के मुताबिक, ये ईमेल पंजाबी भाषा में लिखे गए थे और इनमें कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक विचारधारा से जुड़े संदर्भ पाए गए हैं। इसी वजह से साइबर विशेषज्ञ और केंद्रीय एजेंसियां इसके मूल स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
Bomb Threat Email- यात्रा मार्ग पर सुरक्षा घेरा मजबूत
वर्तमान में उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा अपने चरम पर है, जहां देश-विदेश से रोजाना लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा को लेकर निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- एजेंसियां सक्रिय: पुलिस, खुफिया इकाइयों और साइबर विशेषज्ञों की टीमों को चौबीसों घंटे निगरानी के लिए तैनात किया गया है।
- सुरक्षा समीक्षा: सभी संवेदनशील और प्रमुख स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की गई है।
- अतिरिक्त मुस्तैदी: यात्रा मार्गों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और धर्मशालाओं में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
Bomb Threat Email- श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे घटनाक्रम पर पहली विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए सख्त लहजे में कहा:
“राज्य सरकार को प्राप्त हुई इन धमकियों को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। उत्तराखंड अपनी विशिष्ट संस्कृति, शांति और ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा के लिए जाना जाता है। हम देश-दुनिया से आने वाले हर श्रद्धालु का खुले दिल से स्वागत करते हैं और उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून हाथ में लेने या प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानून के तहत ऐसी कठोर कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी।”
Bomb Threat Email- मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से साफ है कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षित होकर अपनी यात्रा पूरी करें।
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