LUCC Scam- उत्तराखंड के हजारों निवेशकों से आकर्षक जमा योजनाओं के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपये हड़पने वाली एलयूसीसी कंपनी के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। उत्तराखंड शासन ने मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसके परिवार की देहरादून स्थित सभी छह संपत्तियों को अनियमित जमा योजनाओं पर पाबंदी अधिनियम के तहत कुर्क कर लिया है।
इन जब्त संपत्तियों की नीलामी कर पीड़ितों की पाई-पाई लौटाने के लिए शासन की ओर से बृहस्पतिवार को स्पेशल बड्स एक्ट कोर्ट में औपचारिक प्रार्थनापत्र भी प्रस्तुत कर दिया गया है। इसके साथ ही शासन ने आरोपियों द्वारा उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बनाई गई अकूत बेनामी संपत्तियों को भी जब्त करने के लिए उच्चाधिकारियों की विशेष टीमें भेजी हैं।
LUCC Scam- CBI की जांच रिपोर्ट पर एक्शन
इस बड़े वित्तीय घोटाले की जांच पिछले साल नवंबर से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की देहरादून शाखा कर रही है। सीबीआई ने गहन पड़ताल के बाद मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसके सिंडिकेट से जुड़ी देशव्यापी संपत्तियों का ब्योरा उत्तराखंड शासन को सौंपा था। वित्त विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गत 5 जून को देहरादून की 6 संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया था, जिसकी नीलामी प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है।
LUCC Scam- तीन राज्यों में फैली संपत्तियों का ब्योरा
घोटाले की रकम को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों के रियल एस्टेट में भारी निवेश किया था। शासन द्वारा चिह्नित की गई संपत्तियों पर इस तरह कार्रवाई की जा रही है:
- उत्तराखंड (देहरादून): यहाँ कुल 06 संपत्तियां चिह्नित की गई थीं। इन सभी को पूरी तरह कुर्क कर लिया गया है और इनकी नीलामी के लिए स्पेशल कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी गई है।
- उत्तर प्रदेश (लखनऊ, बाराबंकी, जालौन): इन जिलों में आरोपियों की 20 संपत्तियां पाई गई हैं। इन्हें कुर्क व नीलाम कराने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उप सचिव सुनील सिंह की अगुवाई में एक विशेष टीम को लखनऊ भेजा गया है।
- महाराष्ट्र (नवी मुंबई और ठाणे): यहाँ कुल 08 अचल संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इन पर विधिक जब्तीकरण की कार्रवाई पूरी करने के लिए संयुक्त सचिव (वित्त) को जिम्मेदारी सौंपकर मुंबई तैनात किया गया है।

LUCC Scam- वापस मिलेगा निवेशकों का पैसा
LUCC Scam- वित्त विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून की जिन संपत्तियों की नीलामी के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया है, उन पर न्यायालय की अंतिम मुहर लगते ही पारदर्शी तरीके से सरकारी स्तर पर खुली बोली लगाई जाएगी। नीलामी से प्राप्त होने वाली पूरी धनराशि को कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़ितों के बैंक खातों में वापस ट्रांसफर किया जाएगा।
LUCC Scam- शासन के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार:
“हमारा मुख्य उद्देश्य उन मासूम लोगों को राहत देना है जिनकी मेहनत की कमाई इस फर्जी स्कीम में डूबी है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की संपत्तियों को स्थानीय जिला प्रशासन के सहयोग से कुर्क कराने के लिए हमारे वित्त अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। बड्स एक्ट के तहत किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पारदर्शी तरीके से रिकवरी की जाएगी।”
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