Naina Peak- सरोवर नगरी नैनीताल की सबसे ऊंची और साहसिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध चोटी नयना पीक पर पर्यावरण संरक्षण और पर्यटक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाने के लिए वन विभाग ने एक बड़ी मुहिम शुरू की है। नयना पीक वन चौकी और कुमाऊं के रिपीटर सेंटर में वन कर्मियों द्वारा ही अवैध रूप से खाद्य सामग्री बेचने का मामला सामने आने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अब जहां एक तरफ दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटकों की सहूलियत के लिए 3 किलोमीटर लंबे ट्रेकिंग मार्ग का पूरी तरह कायाकल्प करने का खाका तैयार कर लिया गया है।
Naina Peak- शुरू होगा ट्रेकिंग रूट का मरम्मत कार्य
- नयना पीक पर आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को अब इस दुर्गम रास्ते पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। डीएफओ (DFO) आकाश गंगवार ने बताया कि ट्रेकिंग मार्ग का सुदृढ़ीकरण: टांकी बैंड से नयना पीक चोटी तक जाने वाले पूरे ट्रेकिंग मार्ग की मरम्मत की जाएगी।
- साइनेज और सुरक्षा: पर्यटकों की राह आसान करने के लिए पूरे रूट पर दिशा-सूचक बोर्ड (साइनेज) लगाए जाएंगे, जिसके लिए ₹13 लाख का बजट जारी कर दिया गया है और जल्द ही इसके टेंडर खोल दिए जाएंगे।
- बुनियादी सुविधाएं: ट्रेकिंग मार्ग पर पर्यटकों के लिए आधुनिक शौचालय का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना किन सुरक्षित स्थानों पर वैध कैंटीन का संचालन किया जा सकता है, इसके लिए भी जगह की तलाश शुरू कर दी गई है।

Naina Peak- अवैध दुकानदारी पर कड़ा एक्शन
दरअसल, यह पूरा मामला तब गरमाया जब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने डीएफओ नैनीताल को एक आधिकारिक पत्र भेजकर शिकायत की थी कि नयना पीक वन चौकी पर तैनात वन कर्मी स्वयं ही व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। उन्होंने वहां फैल रही गंदगी और पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।
- जांच कमेटी का गठन: डीएफओ आकाश गंगवार ने एसडीओ (SDO) ममता चंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बना दी है।
- सुझाव और रिपोर्ट: यह कमेटी न केवल अवैध दुकानदारी की जांच करेगी, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों की सुविधा के लिए भविष्य के कदमों पर अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंपेगी।
- दोषियों पर कार्रवाई: मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि वन चौकी में व्यावसायिक गतिविधियां पाई जाती हैं, तो संबंधित वन कर्मियों को वहां से तुरंत हटाकर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
Naina Peak- विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि नयना पीक चोटी पर पहुंचने वाले थके-हारे पर्यटकों के लिए यह वन चौकी ही पानी और आपातकालीन जरूरतों का एकमात्र जरिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्य वन संरक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वन कानूनों का पालन करते हुए एक बीच का रास्ता निकाला जाए, जिससे पर्यटकों को वैध तरीके से पानी और आवश्यक खाद्य सामग्री मिल सके और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे।
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