PM Modi Uttarakhand Visit- उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं और पर्यटन को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य आगमन का निमंत्रण दिया है, इस दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी, अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित परियोजनाओं में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे और टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट के लोकार्पण का उल्लेख किया, जबकि पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार और बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना के शिलान्यास की भी योजना है। चंपावत के बनबसा में भारत-नेपाल सीमा पर विकसित हो रहा लैंड पोर्ट व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देगा, साथ ही एशियन हाईवे से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने सरकार के चार वर्षों की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है, जिससे हजारों परिवारों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत युवाओं को इनक्यूबेशन सहायता दी जा रही है, जबकि देवभूमि परिवार योजना के माध्यम से राज्य का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार कर योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाई गई है।
PM Modi Uttarakhand Visit- इसके अलावा, पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए अग्निवीर आरक्षण नियमावली-2025 लागू की गई है। उत्तराखंड जन विश्वास विधेयक-2026 के जरिए प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए 500 से अधिक अप्रासंगिक कानून समाप्त किए गए हैं। राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक, श्रम और अन्य क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए गए हैं।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे योजना के तहत 6000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और “उत्तरा स्टे” पोर्टल के माध्यम से स्थानीय लोगों को मुफ्त मार्केटिंग प्लेटफॉर्म दिया गया है। बागवानी क्षेत्र में चौबटिया (अल्मोड़ा) में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और किसानों के प्रशिक्षण की योजनाएं भी आगे बढ़ाई जा रही हैं।
PM Modi Uttarakhand Visit- मुख्यमंत्री ने बताया कि बेल केदार, अंजनीसैंण और श्यामलाताल को आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। चारधाम और आदि कैलाश यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। साथ ही रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और क्याकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम जारी है।