Nanda Gaura Yojana- उत्तराखंड सरकार ने बेटियों के सशक्तिकरण में एक नई मिसाल कायम की है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में नंदा गौरा योजना के तहत प्रदेश की 33,251 बालिकाओं के खातों में कुल 145.93 करोड़ रुपये सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजे गए हैं।,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को वर्चुअली संबोधित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नंदा गौरा योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह समाज की सोच बदलने का अभियान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि बेटी के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर कदम पर सरकार उसका साथ दे। डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में धनराशि भेजकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।
Nanda Gaura Yojana- योजना की उपलब्धियां
रेखा आर्या ने बताया कि यह योजना वर्ष 2017 से संचालित है और बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और बाल विवाह रोकने में प्रभावी साबित हुई है। योजना के तहत बालिका जन्म पर 11,000 रुपये और 12वीं उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से बेटियां आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने सपनों को पूरा कर रही हैं।

Nanda Gaura Yojana- जिलेवार आंकड़े
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जन्म पर 5,913 और 12वीं उत्तीर्ण करने पर 27,338 बालिकाओं को लाभ मिला।
- ऊधमसिंहनगर: 1,372 जन्म और 4,772 इंटर पास
- नैनीताल: 1,012 जन्म और 3,196 इंटर पास
- देहरादून: 678 जन्म और 2,637 इंटर पास
- टिहरी: 485 जन्म और 2,775 इंटर पास
- अल्मोड़ा: 643 जन्म और 2,963 इंटर पास
- बागेश्वर: 240 जन्म और 1,167 इंटर पास
- चमोली: 196 जन्म और 1,761 इंटर पास
- चम्पावत: 285 जन्म और 1,410 इंटर पास
- पौड़ी: 227 जन्म और 1,990 इंटर पास
- पिथौरागढ़: 243 जन्म और 1,936 इंटर पास
- रुद्रप्रयाग: 172 जन्म और 1,235 इंटर पास
- उत्तरकाशी: 360 जन्म और 1,496 इंटर पास
- लैंगिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
Nanda Gaura Yojana- सरकार का कहना है कि इस योजना ने न केवल कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने में मदद की है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत किया है। विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।