EWS Housing- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निम्न आय वर्ग के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को तेज कर दिया है, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने लैंड पूलिंग के माध्यम से आवासीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
मंगलवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में प्राधिकरण मुख्यालय में हुई मैराथन बैठक में प्रस्तावित आवासीय योजनाओं के लिए भूमि चयन, बजट, डीपीआर और क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि ईडब्ल्यूएस और निम्न आय वर्ग को प्राथमिकता देते हुए ऐसी योजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनसे शहरी परिवारों को स्थायी और सुरक्षित आवास मिल सके।
EWS Housing- उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निश्चित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरी की जाएं। बैठक में एमडीडीए क्षेत्र में संचालित आवासीय, वाणिज्यिक, पुनर्विकास, पार्किंग और हरित परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा भी की गई।
EWS Housing- प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति
- आलयम् आवासीय परियोजना: रेरा की समयसीमा में पूरा करने के निर्देश।
- धौलास आवासीय परियोजना: धीमी प्रगति पर असंतोष; ईडब्ल्यूएस इकाइयों का निर्माण 31 मार्च 2028 तक पूरा करने का निर्देश।
- आइएसबीटी एचआईजी आवासीय परियोजना: अधिकांश फ्लैट बिक चुके, शेष 32 फ्लैट शीघ्र विक्रय करने के निर्देश।
- आढ़त बाजार पुनर्विकास: 70–90% कार्य पूरा, मार्च 2026 तक पूरा करने के निर्देश।
- इंदिरा मार्केट पुनर्विकास: नई कार्ययोजना के अनुसार नवंबर 2028 तक पूर्ण।
- ऋषिकेश बहुमंजिला कार पार्किंग और कार्यालय निर्माण: प्रगति संतोषजनक।
- सिटी फॉरेस्ट पार्क: ऑनलाइन टिकट व्यवस्था लागू, परिसंपत्तियों के लिए अलग रजिस्टर बनाने के निर्देश।
- इको पार्क: मसूरी के लिए पर्यटन परियोजना, निर्माण एजेंसी चयन प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश।
- जीरो प्वाइंट पार्किंग: वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति लेकर निर्माण शुरू करने के निर्देश।
EWS Housing- बैठक में साप्ताहिक संडे बाजार, सिटी जंक्शन माल, धर्मावाला-विकासनगर टाउनशिप, हरबर्टपुर भूमि क्रय, हरिपुर कालसी स्नान घाट, रिवर फ्रंट और हरिद्वार बाईपास जैसी परियोजनाओं के निर्देश और प्रगति समीक्षा भी की गई। साथ ही अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई को सख्त करने और शमन मानचित्रों के लिए अधिक आवेदन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
उपाध्यक्ष तिवारी ने कहा कि देहरादून को हरित शहर के रूप में विकसित करने के लिए वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को सभी विकास योजनाओं का अहम हिस्सा बनाया जाएगा।