Laldhang Ivory Theft- लैंसडौन वन प्रभाग के लालढांग रेंज कार्यालय से पांच हाथी दांत (वजन 35 किलोग्राम से अधिक) चोरी होने के गंभीर मामले में वन विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब इस प्रकरण की जांच अंतरराज्यीय वन्यजीव अंगों की तस्करी के एंगल से भी की जाएगी। वन विभाग ने इस मामले में ‘एचटू केस’ दर्ज करते हुए विस्तृत जांच एसडीओ कोटद्वार को सौंप दी है। इस पड़ताल में वन्यजीव अंगों की अवैध तस्करी के साथ-साथ वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।
Laldhang Ivory Theft- प्रदेश में हाथी दांत की अवैध तस्करी के पहले भी कई बड़े मामले उजागर हो चुके हैं, जिससे विभाग की चिंता और बढ़ गई है:
- वर्ष 2023 (रामनगर व कॉर्बेट): वन विभाग की टीम ने रामनगर में एक तस्कर को हाथी दांत के साथ गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की एक चौकी में अवैध रूप से रखे गए हाथी दांत भी बरामद किए गए थे।
- वर्ष 2024 (श्यामपुर): एसटीएफ (STF) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने श्यामपुर क्षेत्र से तस्करों को हाथी दांत के साथ रंगे हाथों दबोचा था।
- वर्ष 2024 (ऊधमसिंह नगर): मई माह में ऊधमसिंह नगर जिले में कार्रवाई करते हुए 7 किलोग्राम से अधिक हाथी दांत बरामद किया गया था।

Laldhang Ivory Theft- वन मुख्यालय ने मांगा वन्यजीव अंगों का रिकॉर्ड
लालढांग घटना के बाद वन मुख्यालय हरकत में आ गया है। वर्तमान में प्रदेश के 44 वन प्रभागों, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व और विभिन्न वन्यजीव अभयारण्यों के कार्यालयों व मालखानों में जब्ती या अन्य कार्रवाइयों के दौरान मिले वन्यजीवों के अंग रखे जाते हैं। हालांकि, इनकी सटीक संख्या और उपलब्धता का केंद्रीकृत ब्योरा वन मुख्यालय के पास उपलब्ध नहीं था।
- मुख्यालय की कार्रवाई: प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल ने बताया कि वन्यजीव अंगों से संबंधित सूचनाएं अब तक प्रभाग स्तर पर ही रखी जाती थीं। लेकिन अब मुख्यालय ने सभी प्रभागों से हाथी दांत समेत अन्य सभी वन्यजीव अंगों का पूरा ब्योरा तलब किया है।
- निस्तारण की प्रक्रिया: वर्ष 2023 में जारी किए गए नए नियमों के आधार पर इन वन्यजीव अंगों के सुरक्षित निस्तारण और प्रबंधन को लेकर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
Laldhang Ivory Theft- प्रभारी डीएफओ तरुण एस के अनुसार, एसडीओ कोटद्वार के नेतृत्व में जांच टीम चोरी के पीछे सक्रिय किसी संगठित तस्कर गिरोह की भूमिका की सघनता से पड़ताल कर रही है।
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