MDDA Action- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए दो स्थानों पर अवैध निर्माण को सील किया, जबकि सेलाकुई क्षेत्र में लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की।
प्राधिकरण की इस सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना तथा बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माणों और अनधिकृत भूखंड विकास पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है। एमडीडीए ने साफ किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण या प्लॉटिंग के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
MDDA Action- प्रगति विहार और कॉवली में सीलिंग की कार्रवाई

कार्रवाई के तहत प्राधिकरण की टीम ने धर्मपुर स्थित प्रगति विहार की लेन नंबर छह में उपेन्द्र अग्रवाल द्वारा किए गए अवैध निर्माण को सील कर दिया। इसके अतिरिक्त, देहरादून की मानसरोवर कॉलोनी, कॉवली में कैलाश, सतीश और हरीश डोभियाल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी शिकंजा कसा गया। प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को पूरी तरह सील कर दिया। इन कार्रवाइयों के माध्यम से एमडीडीए ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अवैध प्लॉटिंग पर प्रहार करते हुए एमडीडीए की टीम ने न्यू हाईवे, शिमला बाईपास क्षेत्र के कल्याणपुर (सेलाकुई) में देवेंद्र रावत एवं अन्य द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। इसी क्षेत्र में नवाज अली और भू-स्वामी द्वारा लगभग 10 बीघा अन्य भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस प्रकार कुल 20 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग को जमींदोज किया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
MDDA Action- अनधिकृत प्लॉटिंग से नागरिक सुविधाओं पर संकट
MDDA Action- प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि शहर के सुनियोजित विकास और आधारभूत सुविधाओं की सुचारू उपलब्धता के लिए यह अभियान अत्यंत आवश्यक है। अनधिकृत प्लॉटिंग से भविष्य में सड़क, जल निकासी, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में आम नागरिकों को भी कोई भी भूमि खरीदने से पहले संबंधित भूखंड की वैधानिक स्थिति और आवश्यक स्वीकृतियों की पूरी जांच कर लेनी चाहिए।

“एमडीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नियोजित विकास और बेहतर शहरी व्यवस्था के विजन के अनुरूप हमारी प्राथमिकता है कि सभी विकास कार्य नियमों के दायरे में हों। बिना स्वीकृति निर्माण और अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।”- बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष
एमडीडीए “प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अपील है कि भवन निर्माण या भूखंड विकसित करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।”- मोहन सिंह बर्निया, सचिव, एमडीडीए
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