Maa Shailputri Puja Vidhi
Maa Shailputri Puja Vidhi- शक्ति की आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्रि का भव्य और दिव्य शुभारंभ हो चुका है। पहले दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। माँ का यह स्वरूप स्थिरता, संयम, साहस और अगाध आस्था का प्रतीक माना जाता है। आज के इस पावन अवसर पर देश भर के प्रमुख मंदिरों और घरों में घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ विधिवत अनुष्ठानों का श्रीगणेश हुआ। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में घरों और मंदिरों में कलश स्थापना (घटस्थापना) की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जौ बोए गए और माता का आह्वान किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। पहले दिन माँ शैलपुत्री के दर्शन मात्र से भक्तों के जीवन के सभी कष्ट मिट जाते हैं और मन को असीम शांति की प्राप्ति होती है।
Maa Shailputri Puja Vidhi- माँ शैलपुत्री की पूजन विधि और भोग
Maa Shailputri Puja Vidhi- माँ शैलपुत्री की पूजा करने के लिए प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके पश्चात लकड़ी की एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माँ शैलपुत्री की मूर्ति या तस्वीर स्थापित की जाती है। प्रिय रंग और भोग: माँ शैलपुत्री को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए पूजन के दौरान उन्हें सफेद फूल, गाय का शुद्ध घी और सफेद रंग की मिठाइयों या वस्तुओं का भोग लगाया जाता है। पूजन सामग्री: माता को रोली, अक्षत, कलावा, धूप, और दीप अर्पित किए जाते हैं।

Maa Shailputri Puja Vidhi- विशेष मंत्र जाप
पूजा के दौरान माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धापूर्वक उनके मंत्रों का जाप किया जाता है। माता को रोली और अक्षत अर्पित करने के बाद निम्नलिखित मंत्र का 108 बार (एक माला) जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे माँ शैलपुत्र्यै नमः। वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम। वृषारूढं शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
Maa Shailputri Puja Vidhi- इस मंत्र के जाप के साथ ही दुर्गा चालीसा का पाठ और आरती की गई। भक्तों ने आज विधि-विधान से कलश स्थापित कर माँ से अपने जीवन में स्थिरता, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। पहले दिन की इस भव्य शुरुआत के साथ ही पूरे देश में नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का उत्साह चरम पर पहुंच गया है।
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