Kunjapuri Mela
Kunjapuri Mela- उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर के संरक्षण का प्रतीक 50वें सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का आज हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया गया। आस्था, लोकसंस्कृति और विकास के इस अनूठे संगम ने एक बार फिर देवभूमि की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत कर दिया है। यह मेला न केवल उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य कर रहा है, बल्कि स्थानीय पर्यटन, लोककलाओं और क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त मंच भी साबित हो रहा है।
Kunjapuri Mela- विकास प्रदर्शनी का आकर्षण
शुभारंभ अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा में सजी सांस्कृतिक झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके पश्चात विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया, जिसके तहत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। इन मेलों के माध्यम से प्रदेश की लोकपरंपराओं, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय विकास की संभावनाओं को एक नई पहचान मिल रही है। 
Kunjapuri Mela- वीर शहीदों को नमन
उत्सव और विकास के इस माहौल के बीच, कार्यक्रम का एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब शहीद स्थल पर पहुंचकर अमर शहीदों की प्रतिमाओं और स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले वीर बलिदानियों को शत-शत नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
Kunjapuri Mela- इस गरिमामयी अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सहित क्षेत्र के कई सम्मानित जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह भी पढ़ें…
