Uttarakhand BJP
Uttarakhand BJP- आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन में बड़ा प्रशासनिक और सांगठनिक बदलाव किया है। लंबे समय से विवादों में चल रहे प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को हटाकर पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ विचारक और बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है।

इसके साथ ही सांगठनिक संतुलन साधने के लिए नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज और वरिष्ठ संगठनात्मक नेता अरविंद मेनन को सह-प्रभारी बनाया गया है, जबकि पूर्व सह-प्रभारी रेखा वर्मा को मध्य प्रदेश भेजा गया है।
राम माधव भारतीय राजनीति में बीजेपी और संघ (RSS) के सबसे बड़े विचारकों और चुनाव रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। आंध्र प्रदेश में जन्मे राम माधव बचपन से ही संघ से जुड़े रहे और लंबे समय तक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख व प्रवक्ता के रूप में पहचान बनाई।

Uttarakhand BJP- राम माधव की प्रमुख उपलब्धियां
- मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट: वर्ष 2014 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने पूर्वोत्तर भारत (असम, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा) में बीजेपी का जनाधार मजबूत कर सरकारें बनवाने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
- जम्मू-कश्मीर में ऐतिहासिक भूमिका: 2015 में जम्मू-कश्मीर में PDP और BJP की गठबंधन सरकार बनवाने के पीछे राम माधव को ही मुख्य रणनीतिकार माना गया था।
- वैश्विक कूटनीति और थिंक-टैंक: राम माधव प्रसिद्ध थिंक-टैंक ‘इंडिया फाउंडेशन’ (India Foundation) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हैं। वे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, विदेश नीति और सुरक्षा मामलों के जाने-माने विशेषज्ञ और लेखक हैं।
उत्तराखंड में राम माधव को कमान सौंपने का सीधा मतलब है कि बीजेपी चुनाव से पहले गुटबाजी को खत्म कर संघ और संगठन के बीच मजबूत तालमेल बनाना चाहती है।

Uttarakhand BJP- ऑक्सफोर्ड से वकालत और फिर संसद तक का सफर
Uttarakhand BJP- भारत की पूर्व विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज देश की प्रखर युवा नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों में जानी जाती हैं।
“बांसुरी स्वराज पेशे से सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील हैं। उन्होंने इंग्लैंड की प्रतिष्ठित वारविक यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में बी.ए. (ऑनर्स) और बीपीपी लॉ स्कूल (लंदन) से कानून की डिग्री हासिल की है। इसके उपरांत उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सेंट कैथरीन कॉलेज से मास्टर ऑफ स्टडीज की शिक्षा पूरी की और 2007 में लंदन से बैरिस्टर की उपाधि प्राप्त की। वर्ष 2007 से ही वे बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में पंजीकृत होकर वकालत के क्षेत्र में सक्रिय हैं।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राम माधव के पूर्वोत्तर व जम्मू-कश्मीर के सफल सांगठनिक अनुभवों तथा बांसुरी स्वराज के प्रखर वक्ता वाले अंदाज से उत्तराखंड में बीजेपी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिलेगा।
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