Avathan Physical AI Lab- IIT रुड़की में खुली देश की अत्याधुनिक ‘फिजिकल AI लैब’

Avathan Physical AI Lab- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने तकनीक और औद्योगिक शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ‘अवाथान फिजिकल एआइ लैब’ (Avathan PAL) की स्थापना की घोषणा की है। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला (लैब) का मुख्य उद्देश्य फिजिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Physical AI) के क्षेत्र में अत्याधुनिक शोध को बढ़ावा देना, नई तकनीकों का विकास करना तथा भारत और दुनिया भर के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों के साथ वैश्विक अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है। IIT रुड़की और ‘अवाथान फिजिकल AI लैब’ की इस संयुक्त पहल का लक्ष्य औद्योगिक अर्थव्यवस्था की सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण समस्याओं के समाधान के लिए एक मजबूत और दीर्घकालिक शोध ढांचा तैयार करना है। Avathan Physical AI Lab- यह लैब विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी:

  • सप्लाई चैन और लॉजिस्टिक्स: बड़े पैमाने पर आपूर्ति योजना, प्रबंधन और परिचालन को अधिक सटीक बनाना।
  • स्वायत्त प्रणालियां (Autonomous Systems): ज्ञान-आधारित और लगातार सीखने वाली स्वतः संचालित प्रणालियों का विकास।
  • वास्तविक औद्योगिक अनुप्रयोग: वैज्ञानिक अनुसंधानों को प्रयोगशालाओं से निकालकर सीधे वास्तविक औद्योगिक परिचालनों (Real-world Industrial Operations) में लागू करना।

Avathan Physical AI Lab- अनुसंधानकर्ताओं को मिलेगी अकादमिक स्वतंत्रता

Avathan Physical AI Lab Avathan Physical AI Lab- अवाथान पीएएल (Avathan PAL) के प्रधान अन्वेषक और IIT रुड़की के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर सुगाता गंगोपाध्याय ने इस साझेदारी को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा: “यह साझेदारी हमारे अनुसंधान समुदाय को पूर्ण अकादमिक स्वतंत्रता के साथ-साथ वास्तविक औद्योगिक प्रासंगिकता का एक अनूठा और दुर्लभ संयोजन प्रदान करती है। औद्योगिक परिचालनों में फिजिकल एआइ को लागू करने में अग्रणी ‘अवाथान’ के साथ काम करने से हमारे शोधकर्ताओं को ऐसी जटिल समस्याओं पर काम करने का अवसर मिलेगा जो उनकी वास्तविक क्षमता के अनुरूप हैं।”

Avathan Physical AI Lab- औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

प्रोफेसर गंगोपाध्याय ने स्पष्ट किया कि IIT रुड़की में विकसित वैज्ञानिक अनुसंधानों और एआई समाधानों को सीधे उद्योगों में उतारा जाएगा। इस तकनीक का मुख्य रूप से खनन (Mining), ऊर्जा (Energy), विनिर्माण (Manufacturing), लॉजिस्टिक्स (Logistics) और एयरोस्पेस (Aerospace) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उपयोग किया जाएगा ताकि औद्योगिक परिचालन पूरी तरह से स्वायत्त और कुशल बन सके। अवाथान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और IIT रुड़की के पूर्व छात्र पेरविंदर जौहर ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि फिजिकल एआइ के माध्यम से ही भविष्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में वास्तविक स्वायत्तता (Autonomy) लाई जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि IIT रुड़की का यह शोध केंद्र वैश्विक स्तर पर नए मापदंड स्थापित करेगा। यह भी पढ़ें…

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