Tanakpur DM Camp Office- टनकपुर में बनेगा जिलाधिकारी कैम्प कार्यालय और आवास

Tanakpur DM Camp Office- सीमांत क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा असरदार बनाने की दिशा में उत्तराखंड शासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। शासन ने जनपद चम्पावत की तहसील पूर्णागिरी (टनकपुर) में जिलाधिकारी (DM) कैम्प कार्यालय एवं आवास के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप, इस परियोजना से भारत-नेपाल सीमा से सटे इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

शासन ने इस पूरी परियोजना के लिए 4.78 करोड़ रुपये (₹478.31 लाख) की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही, निर्माण कार्य को बिना किसी देरी के तुरंत शुरू करने के लिए प्रथम किश्त के रूप में 1.91 करोड़ रुपये (₹191.32 लाख) की धनराशि भी जारी कर दी है।

Tanakpur DM Camp Office- जनसमस्याओं का तुरंत होगा समाधान

टनकपुर और पूर्णागिरी क्षेत्र भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान में मुख्य कलेक्ट्रेट कार्यालय चम्पावत में होने के कारण मैदानी और सीमांत क्षेत्र के लोगों को अपनी समस्याओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

Tanakpur DM Camp Office- इस कैम्प कार्यालय और डीएम आवास का निर्माण पूरा होने के बाद:

  • टनकपुर-पूर्णागिरी क्षेत्र में जिलाधिकारी स्तर की नियमित और प्रभावी प्रशासनिक उपस्थिति सुनिश्चित होगी।
  • कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की मॉनिटरिंग बेहद आसान हो जाएगी।
  • देशभर से सुप्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और सुरक्षा की सीधे उच्च स्तर पर निगरानी की जा सकेगी।
  • स्थानीय जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण संभव होगा और सरकार व जनता के बीच समन्वय मजबूत होगा।
Tanakpur DM Camp Office
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Tanakpur DM Camp Office- शासन ने रखीं ये सख्त शर्तें

Tanakpur DM Camp Office- उत्तराखंड शासन ने इस बजट की स्वीकृति के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बेहद सख्त दिशा-निर्देश और शर्तें लागू की हैं:

  • डेडलाइन तय: जारी की गई इस धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत मद में ही किया जाएगा। कार्यदायी संस्था को वित्तीय वर्ष 2026-27 के भीतर निर्धारित भौतिक प्रगति हासिल करनी होगी।
  • प्रोग्रेस रिपोर्ट अनिवार्य: निर्माण एजेंसी को 31 मार्च 2027 से पहले उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilization Certificate) और कार्य प्रगति रिपोर्ट शासन को अनिवार्य रूप से सौंपनी होगी।
  • क्वालिटी चेक: निर्माण कार्य शुरू करने से पहले स्थल चयन समिति की रिपोर्ट प्राप्त करना आवश्यक होगा।
  • लैब टेस्टिंग: परियोजना का निर्माण उच्च तकनीकी मानकों के अनुसार किया जाएगा। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री का प्रयोगशाला परीक्षण अनिवार्य किया गया है, ताकि काम की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

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