Yashovardhan Case- चैंपियन के बेटे के विवाद के बाद खुला दूसरा मामला

Yashovardhan Case- पूर्व विधायक प्रभाकर पंत उर्फ चैंपियन ने अपनी कार पर दर्ज लंबित चालानों का भुगतान करने की सहमति दे दी है, जिससे उनकी गाड़ी का नंबर ब्लैकलिस्ट होने से बच जाएगा लेकिन अब परिवहन विभाग की नजर चालक के ड्राइविंग लाइसेंस पर है, जिस पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप और पूर्व मुख्य सचिव के बेटे आर. यशोवर्धन के बीच ओवरटेक को लेकर हुआ विवाद अब गाड़ी के पुराने चालानों के कारण चर्चा में है। जांच में सामने आया कि कार पर अलग-अलग राज्यों के कुल 19 चालान लंबित थे, जिनमें से उत्तराखंड के 4 चालानों की राशि 14 हजार रुपये है।

Yashovardhan Case- परिवहन विभाग ने चैंपियन को नोटिस भेजा था, जिसके जवाब में उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से कहा कि वे सभी चालान भरने को तैयार हैं, पर कार की नंबर प्लेट ब्लैकलिस्ट न की जाए।

Yashovardhan Case- अब विभाग चालक की भूमिका की जांच कर रहा है, संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी के अनुसार,

  • यदि चालक डीएल प्रस्तुत नहीं करता है तो लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है।
  • चालान के समय गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है।
  • चालक पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
  • यानी कार सुरक्षित लेकिन चालक पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।

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