धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने और उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों को एक सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, जल्द ही देवप्रयाग स्थित रघुनाथ मंदिर, पौड़ी जिले के कोट ब्लॉक स्थित लक्ष्मण मंदिर और फलस्वाड़ी स्थित सीता मंदिर को मिलाकर एक भव्य धार्मिक सर्किट तैयार किया जाएगा।
इस योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक ही मार्ग पर इन तीनों पौराणिक स्थलों के सुगम दर्शन की सुविधा मिलेगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है, इससे पहले शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडौन और कोटद्वार विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति और लंबित घोषणाओं पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार नहीं की जाएगी, धामी ने निर्देश दिए कि 15 जून तक सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश जारी किए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी अनुश्रवण के लिए पीईआरटी चार्ट तैयार किया जाए, जिससे प्रत्येक कार्य की समयसीमा तय कर उसका नियमित मॉनिटरिंग किया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क, वनाग्नि और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पार्किंग समस्या के समाधान, सरकारी भवनों में सोलर पैनल लगाने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय विद्यालय खोलने के प्रस्तावों पर मानकों के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई की जाए, युवाओं के हित में मुख्यमंत्री ने पौड़ी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मल्टीपर्पज हॉल बनाने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही रोपवे परियोजनाओं की अलग से समीक्षा करने को कहा गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य के प्रत्येक विकासखंड में बालिकाओं के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे। इसके लिए अधिक छात्राओं वाले विद्यालयों की पहचान कर भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, इस महत्वपूर्ण बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और डॉ. धन सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।