Uttarakhand Government Schemes- उत्तराखंड में विकास योजनाओं की गति को लेकर राज्य सरकार का रुख अब सख्त होता नजर आ रहा है, गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब लापरवाही और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में पूंजीगत व्यय, केंद्र प्रायोजित योजनाएं (CSS), एसएनए स्पर्श, एसएएससीआई और विभागीय व्यय योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई विभागों की योजनाएं बेहद धीमी गति से चल रही हैं, विशेषकर बाह्य सहायतित परियोजनाओं (ईएपी) में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई।
मुख्य सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं में देरी हो रही है, उनके लिए सीधे तौर पर संबंधित विभागाध्यक्ष और सचिव जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब केवल फाइलों में योजनाएं नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाला काम चाहिए।
Uttarakhand Government Schemes- कृषि, उद्यान और फिशरीज में नई पहल
बैठक में उद्यान और कृषि विभाग की समीक्षा भी की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में सेब, कीवी और एरोमा जैसे उच्च मूल्य वाले फसलों की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन बड़े स्तर के इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स नहीं बन पाए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्यान और कृषि विभाग मिलकर इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल पर काम करें।
साथ ही फिशरीज सेक्टर में ट्राउट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कोल्ड स्टोरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं। पशुपालन और सहकारिता विभाग को भी संयुक्त रूप से लाइवस्टॉक और फिशरीज आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
Uttarakhand Government Schemes- कोल्ड स्टोरेज और किसान सुरक्षा
मुख्य सचिव ने कहा कि कई जिलों में किसान अपनी उपज को सुरक्षित रखने में असमर्थ हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज की पूरी श्रृंखला विकसित करने के निर्देश दिए ताकि किसान अपनी उपज को सुरक्षित रखकर सही समय पर बाजार में ला सकें।
साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत भूमि मुआवजा वितरण को समय पर पूरा करने के भी निर्देश दिए गए। सभी जिलाधिकारियों को इस वित्तीय वर्ष में शत-प्रतिशत मुआवजा वितरण सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाने को कहा गया।
Uttarakhand Government Schemes- जल संरक्षण और परिवहन परियोजनाओं पर भी नजर
स्प्रिंग एंड रिवर रीजूविनेशन अथॉरिटी (SARA) के तहत जल संरक्षण योजनाओं में सुस्ती सामने आई। मुख्य सचिव ने छोटे बैराज और चेक डैम जैसे प्रोजेक्ट्स को तेजी से तैयार कर फंड का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही परिवहन विभाग को नए बस स्टेशन और चार्जिंग स्टेशन के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।
Uttarakhand Government Schemes- अंतिम समयसीमा और जवाबदेही तय
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मार्च 2026 तक के लक्ष्य तय कर 30 जनवरी तक प्रस्ताव शासन को भेजे जाएं। तय समय के बाद आने वाले प्रस्तावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा और लापरवाह विभागों का बजट बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों को दिया जाएगा।
Uttarakhand Government Schemes- स्पष्ट है कि सरकार अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं है, बल्कि ठोस परिणाम और जवाबदेही की दिशा में आगे बढ़ रही है।


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