Uttarakhand Assembly- खनन और भ्रष्टाचार पर सत्तापक्ष-विपक्ष में तीखी बहस

Uttarakhand Assembly- उत्तराखंड विधानसभा का सत्र चौथे और पांचवें दिन खनन और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर गर्मागर्म बहस का केंद्र बना। विधानसभा के चौथे दिन खनन पट्टों और अवैध खनन के मामलों पर चर्चा हुई, जबकि पांचवें दिन भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष की नाराजगी के कारण कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही बाधित भी हुई।

शुक्रवार को कांग्रेस विधायक विरेंद्र कुमार के प्रश्न के जवाब में संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि प्रदेशभर में 4,366.376 हेक्टेयर भूमि पर कुल 208 खनन पट्टों को स्वीकृति दी गई है। इनमें जेसीबी से खनन की अनुमति नहीं है और गहराई केवल तीन मीटर तक सीमित है। अवैध खनन को रोकने के लिए ड्रोन निगरानी और जिलास्तर पर डीएम की अध्यक्षता में खनन निरोधक दस्ते गठित किए गए हैं।

मंत्री ने बताया कि बीते तीन वर्षों में खनन से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2022-23 में 472.32 करोड़, 2023-24 में 645.46 करोड़ और 2024-25 में 1,040.57 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कार्रवाई के तहत अब तक 2,252 मामलों में 82.12 करोड़ रुपये वसूल किए गए, जबकि इस वित्तीय वर्ष जनवरी तक 1,553 मामलों में 39.08 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।

Uttarakhand Assembly- विपक्ष ने सदन में अवैध खनन और भ्रष्टाचार के मामलों को उठाया। कांग्रेस के प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन और अनुपमा रावत सहित कई विधायकों ने खनन और भ्रष्टाचार पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। विपक्ष के आरोपों से असंतुष्ट होकर सदन की कार्यवाही का बर्हिगमन भी किया गया।

सत्र के पांचवें दिन भ्रष्टाचार को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा विधायक मुन्ना चौहान और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के बीच व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप भी हुए, जिन्हें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने हटाने के निर्देश दिए।

संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने आईएएस और आईएफएस अधिकारियों सहित कई जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना में काम में देरी के कारण एजेंसी बदली गई और उनके खिलाफ वसूली की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ई-बस सेवा के माध्यम से अब तक देहरादून के 76 लाख से अधिक यात्री लाभान्वित हुए हैं।

Uttarakhand Assembly- सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विजिलेंस में 92 मामलों में 108 लोगों को ट्रैप किया है। ट्रैप संचालन के लिए दो करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड और अतिरिक्त पद बनाए गए हैं। नकल विरोधी कानून लागू करने, चयन बोर्ड अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और स्थानीय बेरोजगारों को ठेके देने जैसी पहलें भी की गई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि खनन राजस्व पिछले चार साल में 300 करोड़ से बढ़कर 1,200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार ने अवैध खनन पर कड़ी निगरानी रखी है। विपक्ष के नेता यशपाल, प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी और हरीश धामी ने कई मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए 644 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का जिक्र किया।

Uttarakhand Assembly- इस सत्र में खनन और भ्रष्टाचार दोनों मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कड़ा विरोध और बहस देखने को मिली, जिससे विधानसभा कार्यवाही काफी नाटकीय और विवादास्पद बनी।

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