Narendra Modi Dehradun Visit- नारी शक्ति वंदन अधिनियम से पहले भाजपा का शक्ति प्रदर्शन

Narendra Modi Dehradun Visit- देहरादून में सियासी माहौल इन दिनों खासा गरमाया हुआ है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे ने शहर को राजनीतिक ऊर्जा से भर दिया है उनके आगमन से पहले ही भारतीय जनता पार्टी बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में जुट गई है, खासकर महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखते हुए।

दरअसल, संसद में प्रस्तावित नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को लेकर पार्टी में विशेष उत्साह देखा जा रहा है, 16 से 18 अप्रैल के बीच होने वाले विशेष सत्र से ठीक पहले पीएम मोदी का देहरादून में रोड शो आयोजित किया जा रहा है, माना जा रहा है कि अपने संबोधन में प्रधानमंत्री इस विधेयक का जिक्र कर सकते हैं, जिससे कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।

इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए भाजपा संगठन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं, हाल ही में हुई बैठक में संगठन महामंत्री अजेय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, रैली संयोजक कुंदन परिहार सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए, बैठक में खास तौर पर महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

Narendra Modi Dehradun Visit- रणनीति के तहत महिला मोर्चा को जिम्मेदारी दी गई है कि हर महिला पदाधिकारी रैली में महिलाओं से भरी कम से कम एक गाड़ी लेकर आए। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के लिए भीड़ जुटाने के लक्ष्य तय किए गए हैं देहरादून महानगर की प्रत्येक विधानसभा से 6-6 हजार, देहरादून ग्रामीण और ऋषिकेश से 10-10 हजार कार्यकर्ताओं को लाने की योजना बनाई गई है।

Narendra Modi Dehradun Visit

देहरादून नगर निगम के पार्षदों को भी 500-500 लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है वहीं, करीब 12 किलोमीटर लंबे रोड शो की जिम्मेदारी कैंट विधानसभा के कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है, जो पूरे मार्ग में प्रधानमंत्री पर पुष्प वर्षा करेंगे।

साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर सिख और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे अधिक से अधिक समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

Narendra Modi Dehradun Visit- कुल मिलाकर, पीएम मोदी के दौरे को भाजपा उत्तराखंड में एक बड़े जनसंपर्क और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम को केंद्र में रखकर राजनीतिक संदेश देने की तैयारी है।

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