Kedarnath Dham News- दिसंबर का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन केदारनाथ धाम में अभी तक बर्फ नहीं गिरी है। सामान्यतः इस समय धाम में पांच फीट से अधिक बर्फ गिर जाती है, जिससे अधिकांश निर्माण कार्य ठप्प हो जाते हैं। लेकिन इस बार बर्फ न गिरने के कारण धाम में द्वितीय चरण के पुनर्निर्माण कार्य लगातार जारी हैं।
धाम में लगभग डेढ़ सौ मजदूर काम कर रहे हैं, जो सुबह दस बजे के बाद धूप आने पर ही 5 से 6 घंटे काम कर पाते हैं। हालांकि रात के समय तापमान माइनस 10 डिग्री तक गिरने के कारण मजदूरों को भारी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। धाम में सीमेंट से होने वाले कार्य इस ठंड के कारण फिलहाल नहीं हो पा रहे हैं।
लोनिवि गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह ने बताया कि केदारनाथ धाम में पेयजल और बिजली लाइन का अंडरग्राउंड कार्य चल रहा है। इसके अलावा 2013 आपदा में ध्वस्त हुए रामबाड़ा-गरूड़चट्टी पैदल मार्ग का पुनर्निर्माण भी जारी है, जहां लगभग 80 श्रमिक लगे हुए हैं। पैदल मार्ग पर रैलिंग का काम चल रहा है, ताकि 2026 की यात्रा में तीर्थयात्रियों को पुराने मार्ग से आसानी से आवागमन मिल सके।
Kedarnath Dham News- धाम में कलाकृतियों के निर्माण का भी कार्य जोरों पर है। चौराबाड़ी से आई आपदा के दौरान आए विशालकाय बोल्डरों पर देवी-देवताओं, पंच पांडव और विभिन्न पशु-पक्षियों की सुंदर कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं। ये कलाकृतियां केदारपुरी की भव्यता को और बढ़ा रही हैं।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि धाम में मौसम साफ रहने तक पुनर्निर्माण और कलाकृति कार्य जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी यात्रा सीजन में तीर्थयात्रियों को कई बोल्डरों पर इन कलाकृतियों का अवलोकन करने का अवसर मिलेगा, जो बाबा केदार के दर्शन के अनुभव को और भी खास बनाएंगी।
Kedarnath Dham News- नवम्बर के बाद से धाम में कोई बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन निर्माण कार्य और कलाकृतियों की वजह से केदारनाथ धाम वर्तमान में जीवंत और तैयार दिखाई दे रहा है।