Haridwar Kumbh 2025- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ मेला भव्य और दिव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े सभी स्थायी प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं।
मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
Haridwar Kumbh 2025- मास्टर प्लान के अनुरूप होगा विकास
Haridwar Kumbh 2025- मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र के विकास कार्य मास्टर प्लान और विस्तारित क्षेत्र की योजना के अनुरूप हों। उन्होंने निर्देश दिए कि मास्टर प्लान में सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट और कैंप स्थल स्पष्ट रूप से चिह्नित किए जाएं, ताकि ज़रूरत के अनुसार भूमि अधिग्रहण और अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नए घाटों का निर्माण, कांगड़ा घाट का विस्तार, और मौजूदा घाटों की मरम्मत समय से पूर्ण की जाए। मेला क्षेत्र में अतिक्रमण सख्ती से हटाया जाए ताकि यातायात और आवागमन में कोई बाधा न हो।
उन्होंने कहा कि बहादराबाद-श्यामपुर बाईपास का कार्य जल्द पूरा किया जाए। श्यामपुर, गैंडीखाता और चंडीघाट क्षेत्र में विशेष टेंट कॉलोनियां स्थापित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। दूरस्थ पार्किंग स्थलों से शटल सेवा, ट्रैफिक डायवर्जन योजना और आंतरिक सड़कों की मरम्मत जैसे कार्य भी समय पर पूरे किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंसा देवी और चंडी देवी पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण समय से पूरा हो। मेला क्षेत्र को “जीरो वेस्ट ज़ोन” के रूप में विकसित किया जाए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डस्टबिन, रीसाइक्लिंग सिस्टम, मोबाइल टॉयलेट, पिंक टॉयलेट और चेंजिंग रूम जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक घाट पर लाइफगार्ड, सुरक्षा रस्सियां, और मोटरबोट की व्यवस्था की जाए। अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस, और मोबाइल मेडिकल टीमें मेला क्षेत्र में उपलब्ध रहें। हर की पैड़ी जैसे मुख्य घाटों पर आरती और बैठने की सुविधा बेहतर की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला प्रबंधन में आईटी और डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग हो। श्रद्धालुओं को रीयल-टाइम जानकारी देने के लिए मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन नंबर, और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं से अच्छा व्यवहार करने का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि उत्तराखंड की सकारात्मक छवि बने।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि कुंभ मेला तैयारियों की हर 15 दिन में समीक्षा की जाए, ताकि कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी बनी रहे।
Haridwar Kumbh 2025- इस उच्च स्तरीय बैठक में विधायक मदन कौशिक, प्रेमचंद अग्रवाल, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, रवि बहादुर, अनुपमा रावत सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मेलाधिकारी सोनिका और गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय सहित संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
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