Gaddu Ghada Yatra 2026- बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही गाड़ू घड़ा (तेल कलश) उत्सव शोभायात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, इस वर्ष यह यात्रा 7 अप्रैल को गाड़ू घड़ा के साथ नरेंद्र नगर राजदरबार से डिमरी समुदाय के पुजारी द्वारा बदरीनाथ के लिए प्रस्थान करेगी।
डिमरी समुदाय के पुजारियों ने इस यात्रा के लिए 8 अप्रैल को ऋषिकेश से बदरीनाथ धाम तक गाड़ू घड़ा कलश यात्रा में भाग लेने के लिए ज्योतिर्मठ के आचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को आमंत्रित किया है।

बदरीनाथ धाम पुजारी समुदाय की शीर्ष संस्था श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बुलावा भेजा गया है। बुलावा पत्र के साथ अध्यक्ष आशुतोष डिमरी स्वयं काशी के लिए रवाना हुए हैं।
Gaddu Ghada Yatra 2026- यात्रा का कार्यक्रम
प्रथम चरण:
- 8 अप्रैल: ऋषिकेश
- 9 अप्रैल: श्रीनगर
- 10 अप्रैल: डिमरी समुदाय के मूल गांव लक्ष्मी नारायण मंदिर, डिम्मर
Gaddu Ghada Yatra 2026- इस चरण में गाड़ू घड़ा की पूजा-अर्चना के बाद इसे लक्ष्मी नारायण मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।

द्वितीय चरण:
- 19 अप्रैल: पूजा-अर्चना के बाद डिम्मर गांव से गाड़ू घड़ा बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगा।
गाड़ू घड़ा में तिल के तेल को पिरोहकर भरा जाता है। इस पवित्र तेल की पूजा-अर्चना टिहरी राजदरबार, नरेंद्र नगर में की जाती है, जिसमें महारानी और सुहागन महिलाएं विशेष रूप से भाग लेती हैं। कपाट खुलने के बाद यह तेल कलश भगवान के गर्भगृह में स्थापित किया जाता है और प्रतिदिन की अभिषेक पूजा में प्रयोग किया जाता है।
Gaddu Ghada Yatra 2026- यह समारोह न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।