Census Uttarakhand- भारत में आगामी जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण के तहत चल रही डिजिटल भवन स्व-गणना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है, इस चरण में नागरिकों को अपने घर और परिवार से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से स्वयं भरने का अवसर दिया गया था और अब इसके लिए केवल चार दिन शेष रह गए हैं, इसके बाद 25 अप्रैल से सरकारी प्रगणक घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन और डेटा संग्रह का कार्य शुरू करेंगे।
जनगणना निदेशालय के अनुसार, स्व-गणना के दौरान यदि किसी नागरिक ने पिनकोड, पते या गूगल मैप लोकेशन में कोई त्रुटि की है, तो उसे अंतिम चरण में मौके पर ही प्रगणकों द्वारा ठीक किया जाएगा हालांकि, ऑनलाइन सबमिशन के बाद स्व-गणना डेटा को स्वयं नागरिक द्वारा संशोधित नहीं किया जा सकेगा।
इस बार जनगणना प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण स्पष्टताएं भी दी गई हैं। लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए यह साफ किया गया है कि वे अपनी स्थिति को अपनी इच्छा अनुसार दर्ज करा सकते हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की बाध्यता नहीं होगी। डेटा पूरी तरह नागरिक द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित होगा।
Census Uttarakhand- इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनगणना केवल भारत की सीमाओं के भीतर रहने वाले नागरिकों की ही होगी। विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को इस गणना में शामिल नहीं किया जाएगा, हालांकि उनके परिवार की जानकारी संदर्भ के रूप में दी जा सकती है, लेकिन आधिकारिक गणना में केवल देश में उपस्थित लोग ही शामिल होंगे।

निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि स्व-गणना की वेबसाइट सुविधा 24 अप्रैल तक ही उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 25 अप्रैल से प्रगणकों की टीमें कार्यभार संभाल लेंगी। इस कार्य के लिए राज्यभर में 4,491 सुपरवाइजर और 26,348 प्रगणक तैनात किए गए हैं, यानी कुल 30,839 कर्मियों की एक बड़ी टीम इस अभियान को पूरा करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि स्व-गणना के दौरान अब तक उत्तराखंड में 41,731 लोग अपनी जानकारी दर्ज करा चुके हैं। इसमें देहरादून, नैनीताल और हरिद्वार जैसे जिलों में सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे लोगों की भागीदारी बढ़ रही है।
Census Uttarakhand- जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि जो भी नागरिक अभी तक स्व-गणना नहीं कर पाए हैं, वे समय रहते इसे पूरा कर लें, ताकि बाद में प्रगणकों द्वारा प्रक्रिया आसान और तेज़ी से पूरी की जा सके।