Bund Vikas Mela- बंड विकास मेले के अंतिम दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में प्रतिभाग कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों, लोक संस्कृति और मांगल गीतों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में राज्य सरकार द्वारा आयोजित मेलों, कार्यक्रमों और सरकारी आयोजनों में दिए जाने वाले स्मृति चिन्ह और भेंट स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के रूप में ही दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पीपलकोटी के सेमलडाला मैदान के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि इससे भविष्य में बड़े सांस्कृतिक और विकासात्मक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा मिलेगी। साथ ही उन्होंने नंदा राजजात यात्रा को दिव्य और भव्य स्वरूप देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बंड मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि यह आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास का सशक्त मंच है। इस तरह के मेलों से किसानों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का अवसर मिलता है। मेले पर्यटन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करते हैं।
Bund Vikas Mela- उन्होंने कहा कि बंड मेले में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। यहां स्थानीय हस्तशिल्पियों द्वारा बनाए गए रिंगाल से निर्मित उत्पाद, बुनकरों द्वारा तैयार किए गए वस्त्र और अन्य पारंपरिक उत्पाद उपलब्ध हैं, जो पहाड़ की पहचान को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों की न्याय पंचायतों में जाकर आम जनता की समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में ऐसे मेलों और कार्यक्रमों में भाग लें और स्थानीय उत्पादों को अपनाएं।
Bund Vikas Mela- राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘एक जिला–एक मेला’ के आह्वान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से उत्तराखंड के पारंपरिक मेलों और उत्सवों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। इससे राज्य में पर्यटन को नई दिशा और गति प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसके साथ ही गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तथा गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं का निर्माण भी शीघ्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन के पूर्ण होने से राज्य का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है और इससे विकास को नई गति मिलेगी।
Bund Vikas Mela- उन्होंने चमोली जनपद में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 6251 आवासों का निर्माण किया जा चुका है, जबकि 51 हजार आवासों का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा जिले में 13 हजार उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं।


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