Bhrashtachar Mukt Uttarakhand- राज्य में पारदर्शी और उत्तरदायी शासन व्यवस्था को स्थापित करने के लिए जारी अभियानों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक विशेष सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम धार्मिक और सामाजिक संगठनों की ओर से ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ अभियान को समर्थन देने और मुख्यमंत्री के प्रयासों को सराहने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को भ्रष्टाचार के खिलाफ सद्भावना शपथ दिलाई और कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राज्य की जनता के सहयोग और विश्वास की जीत है।

Bhrashtachar Mukt Uttarakhand- भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई डिजिटल और प्रशासनिक सुधार किए हैं:
- ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया
- परीक्षाओं की निगरानी प्रणाली
- सीएम हेल्पलाइन 1905
- भ्रष्टाचार शिकायत नंबर 1064
इन सभी पहलुओं ने शासन में पारदर्शिता को मजबूती दी है।
उन्होंने यह भी बताया कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार और योजनाओं में कमीशनखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक 200 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है।

Bhrashtachar Mukt Uttarakhand- राज्य के भविष्य के लिए बड़े कदम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने जनहित को प्राथमिकता में रखते हुए कई अहम कानून लागू किए हैं:
- समान नागरिक संहिता (UCC)
- नकल विरोधी कानून
- लव जिहाद और लैंड जिहाद पर रोकथाम के कानून
- धर्मांतरण और दंगारोधी कानून
इन सभी पहलों को शासन में स्थिरता, सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में अहम बताया गया।
Bhrashtachar Mukt Uttarakhand- मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “ऑपरेशन कालनेमि” चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 200 से अधिक संदिग्ध फर्जी साधु पकड़े गए हैं। इनमें कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए भी शामिल हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के सिद्धांत “ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा” को आत्मसात करते हुए ईमानदार, पारदर्शी और जनहितकारी शासन की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्य बनाना उनका उद्देश्य है।
कार्यक्रम में विधायक खजान दास, स्वामी चिदानंद सरस्वती, संत किशन गिरी महाराज, राकेश ओबेरॉय, पंकज गुप्ता, तथा कई अन्य सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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