Ankita Bhandari Case- उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड लगातार बीजेपी सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती बना हुआ है। उर्मिला सनावर के वीडियो के सामने आने के बाद शुरू हुई VIP कंट्रोवर्सी पर सरकार और पार्टी नेताओं के जवाब असंतोषजनक माने जा रहे हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है, जबकि बीजेपी नेताओं को इस मुद्दे पर सफाई देने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
शनिवार को जहां कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पहली बार सरकार का पक्ष रखा, वहीं सोमवार (5 जनवरी) को राज्यसभा सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने देहरादून स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी का पक्ष सामने रखने की कोशिश की। हालांकि जब पत्रकारों ने उनसे VIP विवाद को लेकर सीधे सवाल किए, तो वे स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
Ankita Bhandari Case- प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरेश बंसल ने कहा कि कांग्रेस बिना किसी ठोस आधार के इस मामले को तूल दे रही है और भावनात्मक मुद्दे पर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी जांच से पीछे नहीं हटती और यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो उनकी भी जांच की जाएगी।
जब पत्रकारों ने सवाल किया कि उर्मिला सनावर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है, लेकिन सुरेश राठौर पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, तो बंसल ने कहा कि दोनों के खिलाफ दबिश दी जा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों के मिलने के बाद बयान दर्ज किए जाएंगे और यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति का नाम सामने आता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Ankita Bhandari Case- हालांकि VIP कौन है और अंकिता की चैट में आए VIP संदर्भ जांच से कैसे गायब हो गए, इस सवाल पर नरेश बंसल कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने पूरी जांच के बाद कोर्ट में रिपोर्ट दी थी और कोर्ट ने भी माना कि किसी VIP की भूमिका सामने नहीं आई। उनका कहना था कि संभव है अंकिता और पुलकित के बीच भविष्य की किसी योजना को लेकर बातचीत हुई हो, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
इसके बाद जब पत्रकारों ने और सवाल पूछने शुरू किए तो नरेश बंसल ने उन्हें नजरअंदाज करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त कर दी।
Ankita Bhandari Case- क्या है पूरा मामला
VIP विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब खुद को पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर ने एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने कुछ ऑडियो क्लिप सुनाने का दावा करते हुए एक व्यक्ति का नाम लिया और कहा कि वही व्यक्ति अंकिता हत्याकांड में कथित VIP है। हालांकि उस व्यक्ति का नाम आज तक आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है।
उर्मिला सनावर के इस दावे के बाद कांग्रेस समेत कई सामाजिक संगठन और आम लोग सड़कों पर उतर आए और मामले की दोबारा सीबीआई जांच की मांग करने लगे। वहीं सरकार का कहना है कि एसआईटी ने निष्पक्ष जांच की थी, जिसके आधार पर तीनों आरोपी दोषी पाए गए और ट्रायल कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
Ankita Bhandari Case- फिलहाल VIP विवाद को लेकर सियासत गरमाई हुई है और विपक्ष सरकार पर दबाव बनाए हुए है, जबकि बीजेपी इस मुद्दे पर बचाव की मुद्रा में नजर आ रही है।