Shetra Panchayat Nidhi- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन, 2026 में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए ब्लॉक प्रमुखों और जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए क्षेत्र पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके प्रतिनिधियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
Shetra Panchayat Nidhi- मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

- क्षेत्र पंचायत निधि की बहाली: क्षेत्र पंचायत निधि को पुनः प्रारंभ करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
- मानदेय और भत्तों में वृद्धि: क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय तथा भत्तों में बढ़ोतरी के लिए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- NRLM समिति में प्रतिनिधित्व: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड स्तरीय समिति में अब क्षेत्र पंचायत प्रमुख को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
- ग्रामीण से नगरीय क्षेत्र विस्तार में संवाद: ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय क्षेत्रों में शामिल करने की प्रक्रिया के दौरान संबंधित ग्राम पंचायत से भी अनिवार्य रूप से विचार-विमर्श किया जाएगा।
ब्लॉक प्रमुखों और पंचायत प्रतिनिधियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। वे ज़मीनी स्तर की समस्याओं को सबसे बेहतर ढंग से समझते हैं। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्रों में पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना सुनिश्चित करें और प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘अंत्योदय’ की भावना के साथ कार्य कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन को सीधे आम जनता के बीच पहुंचाया गया है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिली है।

Shetra Panchayat Nidhi- रिवर्स पलायन में वृद्धि
Shetra Panchayat Nidhi- स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार स्थानीय निकायों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अनुपूरक बजट में ₹721 करोड़ की विशेष व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर गांवों को आत्मनिर्भर बना रही है। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख संगठन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कंडारी, महासचिव गणेश चंदोला, ज्योति ग्रोवर, संरक्षक हरीश बिष्ट सहित प्रदेशभर के कई ब्लॉक प्रमुख उपस्थित रहे।
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