Ration Card Verification- राज्य में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने राशन कार्डों का गहन सत्यापन कर हजारों अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर कर दिया है, जबकि उनके स्थान पर वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ दिया गया है।
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान खानपुर क्षेत्र से विधायक उमेश कुमार द्वारा पूछे गए सवाल का लिखित उत्तर देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्य ने विभागीय आंकड़ों का ब्योरा सदन के पटल पर रखा:
- समय अवधि: यह व्यापक चेकिंग और सत्यापन कार्य 1 मई 2026 से 7 अक्तूबर 2026 की अवधि के बीच संचालित किया गया।
- कुल कार्रवाई: इस दौरान विभाग ने कुल 20,751 अपात्र परिवारों के राशन कार्ड निरस्त किए और विभिन्न कार्डों से 82,137 अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए।
- पात्रों को जोड़ा गया: इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों ने 32,140 राशन कार्डों में 45,448 नए पात्र लाभार्थियों के नाम दर्ज किए हैं, जिससे अब उन्हें सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से खाद्यान्न प्राप्त हो सकेगा।

Ration Card Verification- अपात्रों पर कार्रवाई का ब्योरा
Ration Card Verification- खाद्य मंत्री रेखा आर्य ने विभिन्न श्रेणियों के राशन कार्डों से हटाए गए अपात्रों की बिंदुवार जानकारी दी:
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY): अंत्योदय श्रेणी के 1,281 राशन कार्डों से 3,802 अपात्रों के नाम हटाए गए।
- प्राथमिक परिवार योजना (PHH): प्राथमिक परिवार (बीपीएल) श्रेणी के 13,891 राशन कार्डों से 59,510 अपात्र लोगों के नाम सूची से खारिज किए गए।
- राज्य खाद्य योजना (SFY): राज्य खाद्य योजना (एपीएल) के अंतर्गत 5,612 राशन कार्डों से 18,825 अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाए गए।
Ration Card Verification- जारी रहेगा सत्यापन
विभागीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि राशन कार्डों के सत्यापन का मुख्य ध्येय फर्जी या अपात्र तरीके से लाभ उठा रहे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाना और राज्य के हर गरीब व जरूरतमंद परिवार को उनके अधिकार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्डों के क्रॉस-वेरिफिकेशन और भौतिक सत्यापन की यह प्रक्रिया भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी, ताकि सरकारी खाद्यान्न योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ वास्तविक हकदारों तक ही पहुंचे।
यह भी पढ़ें…
