Mukhyamantri Kaushal Unnayan Yojana- उत्तराखंड के युवाओं के लिए सात समंदर पार करियर बनाने की राह अब न सिर्फ आसान हुई है, बल्कि उनके सपनों को सरकारी पंख भी मिल गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ के तहत अब तक प्रदेश के 123 युवा विदेशों में शानदार पैकेज पर प्लेसमेंट पा चुके हैं। सरकार की इस पहल से न केवल युवाओं का वैश्विक करियर संवर रहा है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत भी लिख रहे हैं।
जापान, जर्मनी, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों में उत्तराखंड के हुनर की मांग लगातार बढ़ रही है। भाषा प्रशिक्षण से लेकर आर्थिक सहायता तक, सरकार की यह योजना युवाओं के लिए एक मजबूत सेतु का काम कर रही है।
Mukhyamantri Kaushal Unnayan Yojana- इन देशों में खुला रोजगार का द्वार
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 से शुरू हुई इस योजना के जरिए अब तक:
- सऊदी अरब: 30 युवाओं को रोजगार मिला है।
- जापान: 65 युवाओं ने सफलता हासिल की है।
- जर्मनी: 1 युवती को नर्स के रूप में बड़ा ब्रेक मिला है।
- यूएई (संयुक्त अरब अमीरात): हाल ही में 27 युवाओं का चयन हॉस्पिटैलिटी एवं होटल मैनेजमेंट क्षेत्र के लिए हुआ है, जिनकी वीजा और दस्तावेजी प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है।

Mukhyamantri Kaushal Unnayan Yojana- भाषा की दीवार तोड़ रही हैं सरकारी कक्षाएं
वैश्विक बाजार की जरूरत को देखते हुए युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है। इसके तहत सेवायोजन कार्यालय परिसर में रोजाना जर्मन भाषा की तीन और जापानी भाषा की दो कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा सुदूर क्षेत्रों के युवाओं के लिए बागेश्वर में जापानी और अल्मोड़ा में जर्मन भाषा की ऑनलाइन कक्षाएं भी चलाई जा रही हैं।
प्रशिक्षण का ढांचा: प्रत्येक बैच में 20 से 30 प्रशिक्षार्थियों को 8 महीने का सघन भाषा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे विदेशी कार्यसंस्कृति में आसानी से ढल सकें।
Mukhyamantri Kaushal Unnayan Yojana- फीस में भारी छूट और वित्तीय सहायता
Mukhyamantri Kaushal Unnayan Yojana- 8 महीने के इस विशेष प्रशिक्षण की कुल फीस 64,000 रुपये है, लेकिन युवाओं पर इसका वित्तीय बोझ न पड़े, इसके लिए सरकार ने कई रियायतें दी हैं:

- 20% शुल्क अनुदान: राज्य सरकार सीधे तौर पर फीस में 20 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है।
- ब्याज पर 75% की छूट: यदि कोई अभ्यर्थी प्रशिक्षण के लिए लोन लेता है, तो उसके ब्याज का 75 फीसदी हिस्सा सरकार वहन करती है।
- गरीब युवाओं के लिए मुफ्त: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए जर्मन भाषा का प्रशिक्षण पूरी तरह से निःशुल्क है।
- निःशुल्क आवास व भोजन: प्रशिक्षण के दौरान सहसपुर स्थित छात्रावास में अभ्यर्थियों को प्रतिदिन 220 रुपये की दर से मुफ्त रहने और खाने की सुविधा दी जा रही है।
उधम सिंह नगर की प्रशिक्षार्थी रुचिका अधिकारी, जो पिछले तीन महीनों से जापानी भाषा सीख रही हैं, कहती हैं “सरकार द्वारा रहने और खाने की मुफ्त सुविधा मिलने से हमारे लिए यह प्रशिक्षण लेना बेहद आसान हो गया है। अब विदेश जाने का सपना सच होता दिख रहा है।”
Mukhyamantri Kaushal Unnayan Yojana- इन सेक्टर्स में मिल रहे हैं मौके
सफलतापूर्वक भाषा प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को मुख्य रूप से नर्सिंग, एल्डरली केयर, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी, कंस्ट्रक्शन और अन्य तकनीकी व सेवा क्षेत्रों में प्लेसमेंट मिल रहा है। क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी और उपनिदेशक सेवायोजन चंद्रकांता के मुताबिक, विभाग का लक्ष्य विभिन्न देशों की मांग के अनुरूप युवाओं को तैयार करना है। आने वाले समय में नर्सिंग, हेल्थकेयर और कृषि जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय अवसर और तेजी से बढ़ेंगे।

Mukhyamantri Kaushal Unnayan Yojana- सफलता की मिसाल
Mukhyamantri Kaushal Unnayan Yojana- इस योजना की सबसे बड़ी और प्रेरणादायक मिसाल बनी हैं सपन्ना राणा। योजना के तहत जर्मन भाषा सीखने के बाद सपना का चयन जर्मनी में नर्स के पद पर हुआ है, जहां उन्हें 3.30 लाख रुपये प्रतिमाह का शानदार वेतन मिल रहा है।
अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए सपना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के बिना यह मुमकिन नहीं था। आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।
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