Digital Census- देहरादून में जनगणना कार्य को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है, भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि अगले वर्ष होने वाला जनगणना का दूसरा चरण पूरी तरह डिजिटल मोड में आयोजित किया जाएगा, खास बात यह है कि नागरिकों को इस बार पोर्टल के माध्यम से *स्व-गणना (Self Enumeration)* का विकल्प भी दिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व आसान बनेगी।
बृहस्पतिवार को जनगणना निदेशालय के नए कार्यालय में हवन-पूजन के बाद आयुक्त ने देहरादून की टीएचडीसी कॉलोनी में चल रहे पहले चरण के भवन गणना कार्यों का निरीक्षण किया, इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर जनगणना प्रक्रिया का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को उनकी जानकारी की पूर्ण गोपनीयता के बारे में जागरूक किया जाए।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों में भी मोबाइल एप के जरिए जनगणना आसानी से की जा रही है, यह एप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करता है और नेटवर्क मिलने पर स्वतः डेटा अपडेट कर देता है उन्होंने जानकारी दी कि 10 से 28 फरवरी के बीच होने वाला दूसरा चरण पूरी तरह डिजिटल रहेगा।

Digital Census- इस बार जनगणना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे डेटा विश्लेषण तेज़ और सटीक होगा, पहले जहां आंकड़े जारी होने में 2-3 साल लगते थे, अब वे काफी कम समय में उपलब्ध हो सकेंगे, प्रदेश में पहले चरण के तहत अब तक लगभग 83 लाख लोगों को कवर किया जा चुका है। 18.32 लाख से अधिक परिवारों की भवन गणना पूरी हो चुकी है और करीब 70% कार्य संपन्न हो चुका है। यह अभियान 24 मई तक जारी रहेगा।
शाम को आयुक्त ने प्रमुख सचिव आरके सुधांशु के साथ बैठक कर जनगणना कार्य की समीक्षा की और वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारियों व नगर आयुक्तों से फीडबैक लिया। अधिकारियों ने बताया कि पर्वतीय जिलों में कार्य बेहतर गति से चल रहा है, जबकि देहरादून में भी अब सभी क्षेत्रों में काम शुरू हो चुका है और जल्द ही पोर्टल पर डेटा अपडेट दिखने लगेगा।
Digital Census- डिजिटल और एआई आधारित इस जनगणना से न केवल प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।