Vehicle Tracking System- सड़क सुरक्षा और वाहनों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में उत्तराखंड परिवहन विभाग एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है, राज्य में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) आधारित निगरानी प्रणाली को अब और प्रभावी बनाने के लिए मंडल स्तर पर मिनी कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।
परिवहन विभाग की योजना के तहत गढ़वाल मंडल में देहरादून स्थित मुख्य कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पहले से कार्यरत है, जबकि अब कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी में भी एक नया मिनी कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में अन्य जिलों में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
फिलहाल राज्यभर में वीएलटीडी से लैस सभी वाहनों की निगरानी देहरादून स्थित मुख्यालय से की जा रही है, अब इस व्यवस्था को और उन्नत करने के लिए इसे डिजिटल रूप से अपग्रेड किया जा रहा है, इसके तहत सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) के सहयोग से डिजिटल मैपिंग और सिस्टम इंटीग्रेशन का कार्य चल रहा है।
Vehicle Tracking System- परिवहन विभाग का मानना है कि वाहनों की बढ़ती संख्या और निगरानी के दायरे को देखते हुए अब एक केंद्रीकृत प्रणाली के साथ-साथ विकेंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था भी जरूरी हो गई है, इससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी और निगरानी कार्य अधिक तेज और प्रभावी बन सकेगा।

राज्य में वर्ष 2019 के बाद सभी नए वाहनों में वीएलटीडी अनिवार्य किया गया है, जबकि पुराने वाहनों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, इस प्रणाली के माध्यम से वाहनों की रियल टाइम ट्रैकिंग की जा रही है, जिससे ओवरस्पीडिंग, निर्धारित रूट से विचलन और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकती है।
अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह ने बताया कि फिलहाल सभी वाहनों की निगरानी मुख्यालय स्तर से की जा रही है, लेकिन जल्द ही हल्द्वानी में मिनी कंट्रोल रूम स्थापित कर इसे विकेंद्रीकृत किया जाएगा उन्होंने कहा कि देहरादून में चल रहा कार्य पूरा होने के बाद इस योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
Vehicle Tracking System- सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा, निगरानी प्रणाली और पारदर्शिता तीनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।