Doon Delhi Expressway- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक परियोजना दून-दिल्ली एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, करीब 11,963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 213 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में करते हुए स्थानीय संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त किया उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से उन्हें हर बार नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है, और आने वाला दशक राज्य के लिए विकास का स्वर्णिम काल साबित होगा।
Doon Delhi Expressway- विकास की भाग्य रेखा

प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को “विकास की भाग्य रेखा” बताते हुए कहा कि आधुनिक सड़क और परिवहन नेटवर्क देश की प्रगति की रीढ़ हैं, इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना में विशेष वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी विकसित किए गए हैं, ताकि वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो, प्रधानमंत्री ने इसे “प्रगति और प्रकृति के संतुलन” का उदाहरण बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने उत्तराखंड में बारहमासी पर्यटन विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया उन्होंने कहा कि राज्य को केवल गर्मियों में ही नहीं, बल्कि सर्दियों में भी पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
Doon Delhi Expressway- इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने आगामी कुंभ मेले को भव्य बनाने की अपील की और नंदा देवी राजजात यात्रा का उल्लेख करते हुए इसे राज्य की आस्था और संस्कृति का प्रतीक बताया।

महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने नारी शक्ति वंदन कानून का जिक्र किया और कहा कि महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ जल्द मिलना चाहिए, जिसे 2029 के आम चुनावों से लागू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा को भी नमन किया और शहीदों के बलिदान को याद करते हुए पूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया।
Doon Delhi Expressway- दून–दिल्ली एक्सप्रेसवे को उत्तर भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा।