Amarnath Yatra Model- चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य स्तर पर नई पहल पर विचार किया जा रहा है, यात्रियों की रियल-टाइम निगरानी और भीड़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए अब अमरनाथ यात्रा की तर्ज पर आरएफआईडी सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया गया है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने प्रस्ताव दिया है कि चारधाम यात्रा में शामिल हर यात्री को आरएफआईडी (RFID) टैग दिया जाए, जिससे उनकी लोकेशन और मूवमेंट की लगातार जानकारी प्रशासन को मिल सके, इससे आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन आसान हो जाएगा।
वर्तमान में चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है, जिसमें व्यक्तिगत जानकारी, यात्रा तिथि और स्वास्थ्य विवरण शामिल होता है। इसके अलावा परिवहन विभाग द्वारा वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड और यात्रियों के लिए ट्रिप कार्ड जारी किए जाते हैं। वहीं एनपीआर कैमरों के जरिए यात्रा मार्ग पर वाहनों की निगरानी भी की जाती है।

Amarnath Yatra Model- एनडीएमए ने सुझाव दिया है कि आरएफआईडी रीडर को यात्रा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर स्थापित किया जाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन सा यात्री किस स्थान पर पहुंचा है और कितनी भीड़ मौजूद है। इससे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
एनडीएमए के मुख्य सलाहकार मेजर जनरल सुधीर बहल ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य करने और हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन की एसओपी को और मजबूत करने की भी सिफारिश की गई है। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज का एआई आधारित विश्लेषण कर भीड़ की स्थिति का अनुमान लगाने का सुझाव दिया गया है।
Amarnath Yatra Model- विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इन सभी सुझावों को संबंधित विभागों को भेजा जाएगा, ताकि भविष्य की चारधाम यात्राओं को और अधिक सुरक्षित और तकनीक-सक्षम बनाया जा सके।