Navratri Puja Vidhi
Navratri Puja Vidhi- शारदीय व चैत्र नवरात्रि में घर-घर में मां जगदंबा की चौकी स्थापित की जाती है। भक्त नौ दिनों तक माता रानी को प्रसन्न करने के लिए व्रत, पूजन, दुर्गा सप्तशती का पाठ और विशेष भोग अर्पित करते हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि पूजा सही दिशा और नियमों के अनुरूप न की जाए, तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। प्रसिद्ध ज्योतिषियों और वास्तु विशेषज्ञों ने नवरात्रि पूजन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम और दिशा-निर्देश साझा किए हैं।
Navratri Puja Vidhi- वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर-पूर्व दिशा को देव स्थान माना गया है।
- चौकी स्थापना: नवरात्रि के पहले दिन घर के उत्तर-पूर्व कोने को अच्छी तरह साफ कर गंगाजल से पवित्र करें।
- कपड़े का चयन: चौकी पर लाल या पीले रंग का स्वच्छ वस्त्र बिछाएं और उस पर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
- प्राकृतिक सजावट: चौकी को सजाने के लिए आम और अशोक के हरे पत्तों का तोरण/वंदनवार लगाना अत्यंत शुभ और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला माना जाता है।

Navratri Puja Vidhi- दीपक जलाने की सही दिशा और नियम
Navratri Puja Vidhi- पूजा के दौरान जलाया जाने वाला दीपक भक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक है।
- दीपक का मुख: वास्तु के अनुसार, पूजा करते समय दीपक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
- घी का दीपक: माता की चौकी के सामने पूर्व दिशा की ओर मुख करके गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाना विशेष रूप से फलदायी और सुख-समृद्धि देने वाला माना जाता है।
Navratri Puja Vidhi- भूलकर भी न करें इन चीजों का इस्तेमाल

Navratri Puja Vidhi- शास्त्रों के अनुसार, मां दुर्गा की पूजा में कुछ विशेष सामग्रियों का निषेध बताया गया है:
- वर्जित सामग्री: मां दुर्गा की पूजा में तुलसी के पत्ते और केतकी के फूल कभी न चढ़ाएं।
- अक्षत व भोग: पूजा में खंडित (टूटे हुए) चावल या अक्षत का प्रयोग न करें।
- ताजगी का रखें ध्यान: बासी, सूखे फूल और बासी भोग अर्पित करने से बचें। हमेशा ताजे फूलों और शुद्ध सात्विक भोग का ही उपयोग करें।
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