House of Himalayas- 75 स्थानीय उत्पाद अब होंगे 150, देश-दुनिया में बढ़ेगी पहचान

House of Himalayas- उत्तराखंड के स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार में नई पहचान दिलाने के लिए शुरू किए गए राज्य के अंब्रेला ब्रांड हाउस ऑफ हिमालयाज (House of Himalayas) का दायरा अब और बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में इस ब्रांड के तहत करीब 75 स्थानीय उत्पाद शामिल हैं। सरकार अब इनकी संख्या बढ़ाकर करीब 150 करने की तैयारी में है।

इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों से प्रमुख, विशिष्ट और संभावनाशील स्थानीय उत्पादों का विवरण मांगा है। विभाग का लक्ष्य ऐसे उत्पादों को ब्रांड से जोड़ना है, जिनमें स्थानीय स्तर पर पर्याप्त उत्पादन क्षमता के साथ-साथ बाजार में मांग पैदा करने की संभावना भी हो।

ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों को ऐसे स्थानीय उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जो अपने क्षेत्र की विशिष्ट पहचान रखते हों और जिनका उत्पादन बड़े स्तर पर किया जा सकता हो।

जिलों से मिलने वाले प्रस्तावों का निदेशालय और शासन स्तर पर परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न मानकों पर खरा उतरने वाले उत्पादों को ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड में शामिल किया जाएगा।

House of Himalayas

House of Himalayas- इन मानकों पर होगा उत्पादों का चयन

House of Himalayas- नए उत्पादों को ब्रांड में शामिल करने से पहले कई पहलुओं पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • उत्पाद की गुणवत्ता
  • स्थानीय एवं विशिष्ट पहचान
  • उत्पादन की क्षमता
  • बाजार की संभावनाएं
  • उपभोक्ताओं के बीच मांग पैदा करने की क्षमता
  • उत्पाद को बड़े बाजार तक पहुंचाने की संभावना

इस प्रक्रिया के बाद चयनित उत्पादों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के माध्यम से बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

House of Himalayas- छह करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जनवरी 2025 से अब तक इस ब्रांड के उत्पादों की छह करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हो चुकी है।

यह आंकड़ा बताता है कि उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों की देश के विभिन्न हिस्सों में मांग बढ़ रही है और बेहतर ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के जरिए इन्हें बड़े बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।

House of Himalayas- ग्रामीण उद्यमियों को मिलेगा लाभ

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ का उद्देश्य केवल स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाना नहीं है, बल्कि इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करना भी है।

उत्पादों की संख्या बढ़ने से प्रदेश के अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHGs), ग्रामीण उद्यमियों और स्थानीय उत्पादकों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की सुविधाएं मजबूत होने से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।

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House of Himalayas- स्थानीय से ग्लोबल मार्केट

उत्तराखंड के कई उत्पाद अपनी गुणवत्ता और विशिष्टता के लिए पहले से पहचान रखते हैं, लेकिन सीमित बाजार और कमजोर मार्केटिंग के कारण उन्हें व्यापक स्तर पर पहचान नहीं मिल पाती। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के विस्तार से ऐसे उत्पादों को एक मजबूत ब्रांड के तहत बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

अब 75 से करीब 150 उत्पादों तक दायरा बढ़ाने की तैयारी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्यमिता के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में उत्पाद निर्माण से जुड़े लोगों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार और बेहतर आय के अवसर मिल सकते हैं।

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