Uttarakhand Green Mobility Policy- ‘स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति’ से हरित क्रांति की ओर उत्तराखंड

Uttarakhand Green Mobility Policy- उत्तराखंड को हरित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन (‘ग्रीन मोबिलिटी’) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति’ के अंतर्गत लाभार्थी वाहन स्वामियों को पूंजीगत अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि के सब्सिडी चेक वितरित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल ईंधन पर आधारित 11 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।

Uttarakhand Green Mobility Policy

Uttarakhand Green Mobility Policy- इकोलॉजी और इकोनॉमी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार “इकोलॉजी और इकोनॉमी” (पर्यावरण और अर्थव्यवस्था) के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास की एक नई दिशा तय कर रही है।

“यह केवल वित्तीय सहायता का वितरण नहीं, बल्कि उत्तराखंड को स्वच्छ, आधुनिक और हरित परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने का हमारा दृढ संकल्प है। पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जगह सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना समय की मांग है।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

Uttarakhand Green Mobility Policy- प्रमुख शहरों में ई-वाहनों का विस्तार

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Uttarakhand Green Mobility Policy- राज्य में सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई बड़े कदम उठा रही है:

  • चार प्रमुख शहरों पर विशेष फोकस: देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और ऋषिकेश में इलेक्ट्रिक और स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों के उपयोग को तेजी से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
  • ई-चार्जिंग नेटवर्क: ई-वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पूरे प्रदेश में ई-चार्जिंग स्टेशनों का एक विस्तृत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
  • सतत विकास: पर्यटन और पर्वतीय भूगोल को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था को आधुनिक, स्वच्छ और सुगम बनाने की दिशा में काम जारी है।

Uttarakhand Green Mobility Policy- नेट-ज़ीरो उत्सर्जन

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज वर्ष 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य, ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ (LiFE) अभियान और ‘पीएम ई-बस सेवा’ जैसी पहलों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। उत्तराखंड भी देवभूमि की प्राकृतिक धरोहर, नदियों और जंगलों को सुरक्षित रखते हुए इस राष्ट्रीय संकल्प में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

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