Disaster Relief Dehradun
Disaster Relief Dehradun- देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने आपदा प्रभावित किमाड़ी-कंडरियाणा और भीतरली कंडरियाणा गांवों का दौरा कर प्रभावितों की समस्याएं सुनीं और आपदा से हुए नुकसान का विस्तृत जायजा लिया।
डीएम ने कहा कि इस कठिन घड़ी में प्रशासन पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेत, खलिहान, निजी भवन, ग्रामीण मार्ग, पुलिया, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं दो दिन के भीतर बहाल कर दी जाएं।
जिलाधिकारी ने दुर्गम मार्ग पैदल तय कर ग्रामीणों से उनकी पीड़ा साझा की और भरोसा दिलाया कि जब तक हर प्रभावित तक राहत नहीं पहुंचती, प्रशासन चैन से नहीं बैठेगा। उन्होंने तहसीलदार और वरिष्ठ अधिकारियों को क्षेत्र में ही कैंप करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने बताया कि अतिवृष्टि से कई मकानों में दरारें आईं, दो गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुईं और भारी भूस्खलन व कटान के कारण 11 भवन खतरे की जद में हैं। साथ ही पेयजल लाइन, सिंचाई गूल और सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि नदी पर बना पैदल पुल बह गया है। ग्रामीणों ने गांव के विस्थापन और अवैध खनन की शिकायत भी उठाई।

Disaster Relief Dehradun- डीएम ने क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे तत्काल पूरा कर प्रभावितों को राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खतरे में आए परिवारों के विस्थापन का प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजा जाएगा। कृषि भूमि और फसल क्षति का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने के निर्देश भी मौके पर ही दिए गए।
करीब 8.4 किमी लंबा किमाड़ी-भीतरली कंडरियाणा मोटर मार्ग 13 जगह क्षतिग्रस्त हुआ है। जेसीबी मशीनों से काम तेजी से चल रहा है और मार्ग को 28 सितंबर तक सुचारु करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पेयजल लाइन बहाल होने तक वैकल्पिक आपूर्ति जारी है। सिंचाई गूल और क्षतिग्रस्त ग्रामीण रास्तों के पुनर्निर्माण के प्रस्ताव भी तैयार किए जा रहे हैं।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और पुनर्वास कार्य चल रहे हैं। “जन-जीवन को सामान्य करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
Disaster Relief Dehradun- निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, डीएसओ केके अग्रवाल सहित सड़क, पेयजल, विद्युत, सिंचाई, तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
