Landslide Munkatiya
Landslide Munkatiya- उत्तराखंड में जारी भारी बारिश के चलते केदारनाथ और यमुनोत्री जाने वाले तीर्थ यात्रियों की राह फिलहाल कठिन हो गई है। रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग के पास मुनकटिया क्षेत्र में भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, मुनकटिया के स्लाइडिंग ज़ोन में भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरने से मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। इस कारण गौरीकुंड की ओर लौट रहे कुछ तीर्थयात्री वहां फंस गए थे, जिन्हें एसडीआरएफ की टीमों ने सुरक्षित निकालकर सोनप्रयाग पहुंचाया।
वहीं, उत्तरकाशी जिले में सिलाई बैंड के पास चार दिन पूर्व बादल फटने की घटना के बाद से यमुनोत्री हाईवे पर यातायात अब भी बाधित है। सड़क के कई हिस्से बह चुके हैं और रास्ता बेहद खतरनाक बना हुआ है। प्रशासन और एनएच विभाग मार्ग की मरम्मत में जुटे हुए हैं, लेकिन भारी मलबा और चट्टानी भूभाग होने के कारण कार्य में बाधाएं आ रही हैं।
254 श्रद्धालुओं को किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
बुधवार को जानकीचट्टी और स्यानाचट्टी के बीच फंसे 254 तीर्थयात्रियों को प्रशासन द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। यात्रियों को पैदल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया और वहां से वाहनों के ज़रिए बड़कोट भेजा गया। वहीं, खाद्य आपूर्ति विभाग ने यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की,
सिलाई बैंड में मलबे के तेज बहाव में लापता हुए सात लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ ने स्निफर डॉग्स की मदद से खोज अभियान तेज कर दिया है। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
Landslide Munkatiya- प्रशासन का दावा – जल्द खुलेगा मार्ग
Landslide Munkatiya- रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि केदारनाथ और यमुनोत्री मार्गों पर यातायात बहाल करने के लिए प्रशासनिक टीमें दिन-रात कार्य कर रही हैं। ओजरी क्षेत्र में हार्ड रॉक की वजह से मरम्मत में समय लग रहा है, लेकिन प्रयास है कि जल्द से जल्द छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके।
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम और मार्ग की स्थिति को देखते हुए यात्रा की योजना बनाएं और स्थानीय अधिकारियों की सलाह का पालन करें।
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