लड़किया अपना बोझ तो क्या, परिवार का बोझ भी अपने कंधों पर उठाने की हिम्मत रखती है।
वैसे तो आपने महिलाओं के बारे में अलग अलग कारनामे सुने होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हे, जिसने ये साबित कर दिया की महिलाएं किसी के सर पर बोझ नहीं , जी हाँ हम बात कर रहे हे, तसनीमा कौसर की तसनीमा कौसर एक ऐसा नाम हे , जिसने कदम कदम पर हर पल हर वक्त दिक्कतों का सामना किया और कभी हार नहीं मानी, दिक्कतों का सामना करते हुए अपने कदम आगे बढ़ाती रही , और आज तसनीमा कौसर 10 हजार महिलाओं की एक शानदार लीडर बनकर काम कर रही हे, अपना एनजीओ दून महिला सकती ट्रस्ट चला रही है, तसनीमा कौसर का कहना है ,
कौन कहता है कि लड़कियां बोझ है..आज की लड़की अपना बोझ तो क्या, परिवार का बोझ भी अपने कंधों पर उठाने की हिम्मत रखती है। तभी तो उन्हे संसार की जननी कहा गया है। बेशक पहले स्त्री को अबला माना जाता है, लेकिन आज की नारी अबला नहीं। शिक्षा हो या खेल कूद का क्षेत्र हो वह हर जगह अपनी मेहनत के बलबूते पर आगे बढ़ रही हैं। बेटों की तरह वह भी पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियां संभाल रही है। देश की बेटियां अब सिर्फ सिलाई- कढ़ाई या ब्यूटी पार्लर तक ही सीमित नहीं रह गई है बल्कि वह तो दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार हैं।
कौन कहता है कि लड़कियां बोझ है..आज की लड़की अपना बोझ तो क्या, परिवार का बोझ भी अपने कंधों पर उठाने की हिम्मत रखती है। तभी तो उन्हे संसार की जननी कहा गया है। बेशक पहले स्त्री को अबला माना जाता है, लेकिन आज की नारी अबला नहीं। शिक्षा हो या खेल कूद का क्षेत्र हो वह हर जगह अपनी मेहनत के बलबूते पर आगे बढ़ रही हैं। बेटों की तरह वह भी पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियां संभाल रही है। देश की बेटियां अब सिर्फ सिलाई- कढ़ाई या ब्यूटी पार्लर तक ही सीमित नहीं रह गई है बल्कि वह तो दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार हैं।
नई राह और बदलते दृष्टिकोण की वजह से नारी आज एक शक्ति के रूप में उभर रही है. नारी आज के बदलते परिवेश में जिस तरह पुरुष वर्ग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रगति की ओर अग्रसर हो रही है, वह समाज के लिए एक गर्व और सराहना की बात है. आज राजनीति, टेक्नोलोजी, सुरक्षा समेत हर क्षेत्र में जहां जहां महिलाओं ने हाथ आजमाया उसे कामयाबी ही मिली. अब तो ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां आज की नारी अपनी उपस्थिति दर्ज न करा रही हो. और इतना सब होने के बाद भी वह एक गृहलक्ष्मी के रूप में भी अपना स्थान बनाए हुए है।
तसनीमा कौसर की हिम्मत और जज्बे को हम दिल से सलाम करते हे ,और यही दुआ करेंगे आप हमेशा ऐसे आगे पड़ती रहे और बेसहारा गरीब लोगो को कामयाबी की रहा दिखती रहे। 
तसनीमा कौसर की हिम्मत और जज्बे को हम दिल से सलाम करते हे ,और यही दुआ करेंगे आप हमेशा ऐसे आगे पड़ती रहे और बेसहारा गरीब लोगो को कामयाबी की रहा दिखती रहे। 