Uttarakhand Population Control Law- उत्तराखंड में यूनिफार्म सिविल कोड लागू करने के बाद अब राज्य सरकार एक और बड़े कानूनी कदम की ओर बढ़ती नजर आ रही है, सरकार प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने को लेकर गंभीर मंथन कर रही है, जिसे आगामी समय में लागू किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि राज्य की डेमोग्राफी, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक संतुलन को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की घुसपैठ या असंतुलन को रोकने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, इसी दिशा में यूसीसी लागू करने के बाद अब अन्य जरूरी कानूनों पर भी विचार किया जा रहा है।
दरअसल, उत्तराखंड में जनसंख्या संतुलन और डेमोग्राफिक बदलाव को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। सरकार पहले से ही इस विषय पर विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है, ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक ढांचा सुरक्षित रखा जा सके।

Uttarakhand Population Control Law- राजनीतिक नजरिए से भी यह मुद्दा काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्ताधारी भाजपा लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने के लक्ष्य के साथ रणनीति बना रही है, वहीं कांग्रेस भी वापसी के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण कानून जैसे मुद्दे चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस अभियान से अपराधियों में डर का माहौल बना है और गैंगस्टर व संगीन मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है।
Uttarakhand Population Control Law- कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार यूसीसी के बाद अब जनसंख्या नियंत्रण कानून की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति और सामाजिक ढांचे पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।