Token System in Yatra- अगले माह शुरू होने वाली चारधाम यात्रा में इस बार भी केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए टोकन सिस्टम लागू रहेगा, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने पिछले साल इस व्यवस्था की शुरुआत की थी, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के कारण प्रारंभिक अनुभवों में टोकन सिस्टम पूरी तरह काम नहीं कर पाया।
पर्यटन विभाग ने यह कदम देश के अन्य बड़े मंदिरों जैसे वैष्णो देवी की तर्ज पर उठाया था, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा न होना पड़े। यात्रा पंजीकरण के दौरान श्रद्धालुओं को धाम में पहुंचने पर टोकन नंबर दिया जाता है, जिसमें उनके दर्शन का निश्चित समय दर्ज होता है। हालांकि पिछले साल शुरुआत में टोकन मिलने के बावजूद भी श्रद्धालुओं को लाइन में खड़ा होना पड़ा।
इस व्यवस्था को लेकर चारधाम तीर्थपुरोहित महापंचायत ने इसे अव्यवहारिक बताते हुए सरकार से टोकन सिस्टम को समाप्त करने की मांग की है। महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती का कहना है कि टोकन सिस्टम से श्रद्धालुओं को दर्शन में असुविधा होती है।

Token System in Yatra- वहीं, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। टोकन सिस्टम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि देश के सभी बड़े मंदिरों में टोकन सिस्टम लागू है और पिछले साल के अनुभवों के आधार पर इस बार सुधार किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कारण से व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाएगा और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।