Sahitya Bhushan Samman- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने देश की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को क्षति पहुँचाई और स्वतंत्रता के बाद इसे पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अब अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है, इसी प्रेरणा से उत्तराखंड सरकार भी प्रदेश की बिखरी सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर को संकलित और संरक्षित करने, साथ ही स्थानीय बोली-भाषाओं के संरक्षण में जुटी है।
मुख्यमंत्री धामी ने यह बातें सोमवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान समारोह में कही। समारोह में उन्होंने साहित्यकारों को पुरस्कार प्रदान किए और कहा कि यह आयोजन प्रदेश की साहित्यिक परंपरा और रचनात्मक चेतना के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
Sahitya Bhushan Samman- धामी ने उत्तराखंड साहित्य भूषण से सम्मानित डा. जितेन ठाकुर को विशेष रूप से याद करते हुए कहा कि वे न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि हिमालय, गंगा और प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता सदियों से लेखकों और कवियों को प्रेरित करती रही है। इस कड़ी में उन्होंने सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत शिवानी, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे नामी साहित्यकारों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में साहित्यकारों के योगदान को याद करते हुए कहा कि साहित्य और संस्कृति के संरक्षण-संवर्द्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके तहत साहित्यकारों को ग्रंथ प्रकाशन के लिए अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। धामी ने साहित्यकारों से आह्वान किया कि वे रचनाओं के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाएं।
समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि भाषा संस्थान विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भाषा के उन्नयन का कार्य कर रहा है। भाषा मंत्री खजान दास ने प्रदेश की बोली-भाषाओं के संवर्द्धन और विकास पर जोर दिया। विधायक सविता कपूर और भाषा संस्थान की निदेशक मायावती ढकरियाल ने भी विचार साझा किए।

Sahitya Bhushan Samman- पुरस्कार विजेताओं की सूची
- डा दिवा भट्ट- उत्तराखंड साहित्य नारी वंदन सम्मान
- प्रो दिनेश चमोला “शैलेश”- बाल साहित्य लेखन पुरस्कार
- भूपेंद्र बिष्ट, डा सुधा जुगरान, शीशपाल गुसाईं, तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट, गजेंद्र नौटियाल, ओम बधाणी, सचिन चौहान- उत्तराखंड मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार
- नीरज पंत- साहित्यिक पत्र-पत्रिका लेखन पुरस्कार
- डा अनिल कार्की, डा राजेंद्र ढैला, अनोज सिंह बनाली- उत्तराखंड नवोदित साहित्य उदीयमान सम्मान
Sahitya Bhushan Samman- पुरस्कार राशि: नारी वंदन और बाल साहित्य लेखन में 1.51 लाख रुपये, मौलिक पुस्तक लेखन और पत्र-पत्रिका लेखन में 1 लाख रुपये, नवोदित साहित्य उदीयमान सम्मान में 50 हजार रुपये।