Ration Card Audit

Ration Card Audit- बंगले वाले डकार रहे राशन, अब होगी बड़ी कार्रवाई

Ration Card Audit- ऋषिकेश में राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना (एनएफएसवाइ) के तहत जारी सफेद राशन कार्डों के सत्यापन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विभाग की जांच में यह पता चला कि कई महंगे कार और बंगले वाले परिवार, जो योजना के लिए अपात्र थे, राशन का लाभ ले रहे थे, जबकि गरीब और वास्तव में जरूरतमंद परिवार इससे वंचित रह गए थे।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ऋषिकेश ने सफेद राशन कार्डों का सत्यापन कर 2567 अपात्र परिवारों को चिह्नित किया है। इनमें डुप्लीकेसी और अन्य कारण भी शामिल हैं। विभाग ने सभी अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए हैं।

Ration Card Audit- सत्यापन अभियान और प्रक्रिया

Ration Card Audit- ऋषिकेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निरीक्षक सुनील देवली के नेतृत्व में विभागीय टीम ने नगर निगम क्षेत्र, श्यामपुर, रायवाला, छिद्दरवाला और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाया। राशन विक्रेताओं की मदद से टीम ने कार्डधारकों की आर्थिक स्थिति और पारिवारिक आय का डेटा जुटाया। साथ ही यह भी जांचा गया कि कौन से कार्ड लंबे समय से सक्रिय नहीं हैं।

जांच में पता चला कि कई अपात्र परिवार राशन कार्ड को पहचान प्रमाण-पत्र के रूप में रख रहे थे और लगभग 40 प्रतिशत लोग सरकारी राशन भी ले रहे थे।

Ration Card Audit- योजना का उद्देश्य

केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना का उद्देश्य है हर जरूरतमंद परिवार को दो समय का पौष्टिक भोजन मुहैया कराना। योजना के तहत प्रत्येक सदस्य को पांच-पांच किलो राशन वितरित किया जाता है। इस योजना का लाभ उन परिवारों को दिया जाता है जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 15 हजार रुपये या उससे कम हो। 15 हजार रुपये से अधिक आय वाले परिवार योजना के लिए अपात्र हैं।

Ration Card Audit- नई प्राथमिकताएँ

Ration Card Audit- सफेद कार्ड निरस्त होने के बाद विभाग ने खाली हुई राशन यूनिटों में अति जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। निरीक्षक सुनील देवली के अनुसार, अब दिव्यांग, मानसिक अस्वस्थ, निराश्रित वृद्धजन, विधवा आदि श्रेणी के जरूरतमंद लोगों को योजना में सबसे पहले शामिल किया जाएगा।

निर्देशक ने कहा कि कई अपात्र परिवारों ने अपनी वास्तविक आय छिपाकर गलत तरीके से सफेद राशन कार्ड बनाए थे। इनका सत्यापन कर कार्ड निरस्त किए गए। इस अभियान का उद्देश्य है कि राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। विभाग समय-समय पर इस तरह के सत्यापन अभियान जारी रखेगा।

सुनील देवली, निरीक्षक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, ऋषिकेश ने बताया कि योजना का उद्देश्य गरीबों और अति जरूरतमंदों को पोषण और खाद्यान्न प्रदान करना है, और अपात्र परिवारों की पहचान कर लाभार्थियों को सही ढंग से चुना जा रहा है।


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