Navratri 2025- इस वर्ष आश्विन शारदीय नवरात्र सोमवार, 22 सितंबर से शुरू हो रहे हैं, दुर्गा माता का आगमन इस बार हाथी पर सवार होकर होगा, पूजा का शुभमुहूर्त सुबह 6:06 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा।
मुख्य तिथियाँ इस प्रकार हैं
- 30 सितंबर: अष्टमी
- 1 अक्टूबर: महानवमी और कन्या पूजन
- 2 अक्टूबर: विजयादशमी और हरेला पूजन
Navratri 2025- इस बार नवरात्र 10 दिनों के लिए मनाए जा रहे हैं क्योंकि षष्ठी दो दिन की है।
शुभ समय और विशेष पूजन
- दुर्गा विसर्जन और हरेला पूजन: सुबह 6:11 बजे से 8:35 बजे तक
- शस्त्र पूजा: अपराह्न 1:16 बजे से 3:36 बजे तक
Navratri 2025- नवरात्र के दिन
- 22 सितंबर: प्रतिपदा
- 23 सितंबर: द्वितीया
- 24 सितंबर: तृतीया
- 25 सितंबर: चतुर्थी
- 26 सितंबर: पंचमी
- 27–28 सितंबर: षष्ठी
- 29 सितंबर: सप्तमी
Navratri 2025- ज्योतिषाचार्य त्रिभुवन उप्रेती और अशोक वाष्र्णेय ने बताया कि दशमी तिथि और श्रवण नक्षत्र का संयोग अत्यंत शुभ है।
पूजा सामग्री और परंपराएँ
पूजा में नारियल, रोली, रक्त चंदन, गुड़, पंचमेवा, फल, रंगीन पुष्प, माता के वस्त्र, पंचामृत, पीली सरसों, पान सुपारी, कलावा, श्रृंगार पिटारी, कुश, दुर्बा, हलवा, मीठा पकवान, सप्त अनाज, तांबे का दीपक, सोने की प्रतिमा, शुद्ध मिट्टी, गंगाजल, तुलसी, पंचरत्न, कलश, दुर्गा मूर्ति, आसन और चावल का उपयोग किया जाता है।
नवरात्र में क्या करें और क्या न करें
- शुभ कार्य: जप, उपासना, देव कार्य, नवग्रह पूजन, देवी पूजन
- अशुभ कार्य: गृह प्रवेश, बालक के मुंडन, यज्ञोपवीत आदि
Navratri 2025- इस नवरात्र पर श्रद्धालु माता दुर्गा की विशेष पूजा कर उनके आशीर्वाद से अपने जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं।


Leave a Reply